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मनमोहन की कविता

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on बुधवार, फ़रवरी 24, 2010 | बुधवार, फ़रवरी 24, 2010


हाय सरदार पटेल

सरदार पटेल होते तो ये सब न होता
कश्मीर की समस्या का तो सवाल ही नहीं था
ये आतंकवाद वातंकवाद कुछ न होता
अब तक मिसाइल दाग़ चुके होते

साले सबके सब हरामज़ादे एक ही बार में ध्वस्त हो जाते
सरदार पटेल होते तो हमारे ही देश में
हमारा इस तरह अपमान होता!

ये साले हुसैन वुसैन
और ये सूडो सेकुलरिस्ट
और ये कम्युनिस्ट वमुनिस्ट
इतनी हाय तौबा मचाते!

हर कोई ऐरे गैरे साले नत्थू खैरे
हमारे सर पर चढ़कर नाचते!

आबादी इस क़दर बढ़ती!
मुठ्ठी भर पढ़ी लिखी शहरी औरतें
इस तरह बक-बक करतीं!

सच कहें, सरदार पटेल होते
तो हम दस बरस पहले प्रोफ़ेसर बन चुके होते!
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