मनमोहन की कविता - अपनी माटी Apni Maati

Indian's Leading Hindi E-Magazine भारत में हिंदी की प्रसिद्द ई-पत्रिका ('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

मनमोहन की कविता


हाय सरदार पटेल

सरदार पटेल होते तो ये सब न होता
कश्मीर की समस्या का तो सवाल ही नहीं था
ये आतंकवाद वातंकवाद कुछ न होता
अब तक मिसाइल दाग़ चुके होते

साले सबके सब हरामज़ादे एक ही बार में ध्वस्त हो जाते
सरदार पटेल होते तो हमारे ही देश में
हमारा इस तरह अपमान होता!

ये साले हुसैन वुसैन
और ये सूडो सेकुलरिस्ट
और ये कम्युनिस्ट वमुनिस्ट
इतनी हाय तौबा मचाते!

हर कोई ऐरे गैरे साले नत्थू खैरे
हमारे सर पर चढ़कर नाचते!

आबादी इस क़दर बढ़ती!
मुठ्ठी भर पढ़ी लिखी शहरी औरतें
इस तरह बक-बक करतीं!

सच कहें, सरदार पटेल होते
तो हम दस बरस पहले प्रोफ़ेसर बन चुके होते!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मुलाक़ात विद माणिक


ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here