मीडिया की नज़र से दूर - अपनी माटी

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रविवार, मार्च 21, 2010

मीडिया की नज़र से दूर

 पन्चवाध्यम

Kuddiyattam -कपिला वेणु 
राजशेखर मंसूर-गायक 

उस्ताद शाहिज़  परवेज-सितार 

उस्ताद अब्दुल्ल राशिद खान-१०० सालाना उम्र  के  गायक 

पंडित बिरजू महाराज और शाश्वती सेन जी-कथक गुरु 

स्पिक मैके के प्रणेता श्री किरण सेठ अपनी माताजी के साथ
उस्ताद फहीमुद्दीन डागर-ध्रुपद गायक 
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एक बात जो दिल में बहुत दिन से है ,कहना चाहता हूँ कि हमारे मीडिया से प्रभावित देश में आज बहुत सारे मुद्दे तो उन्होंने उठाये हैं मगर आज भी बहुत सारी  बातें उनका इंतज़ार कर रही है कि मीडिया आर्ट और संगीतमय भारत को भी अपने कारोबार में पूरापूरा स्थान देगा. काश ऐसा हो जाए. तभी हमें असली हिन्दुस्तानी होने का आभास  होगा. हम ये भी भूल गए है की हम हिन्दुस्तानी हैं तो किस तरह से.? कह नहीं सकते.क्योंकि हमारे पास कोइ बिंदु ही नहीं रहे . हिन्दुस्तानीयत तो हम पीछे छोड़ते जा रहे हैं.
ये  वो फोटो  हैं जो बहुत कुछ कहते हैं.आज मैं फिर से स्पिक मैके का आभारी हूँ कि उसने मुझे इन सभी महान कलाकारों से मिलने और उनकी सेवा करने का मौक़ा मुझे दिया.
माणिक

1 टिप्पणी:

  1. उस्ताद फहीमुद्दीन डागर और
    उनके ध्रुपद गायन के संबंध मे
    जानकर प्रसन्नता हुई।
    सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

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