युवा रचनाकार अशोक जमनानी से दस सवाल - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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युवा रचनाकार अशोक जमनानी से दस सवाल

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नमस्ते जी
 अशोक जी

कुछ प्रश्न हैं जिनके उत्तर जानकार  मैं और पाठक वर्ग आपके लेखन को और भी अच्छे से समझ सकेंगे.............आशा करतें हैं की जल्दी ही प्रत्युत्तर मिलेगा.

  1. लोग कहते हैं कविता का दौर  ख़त्म  हो गया है,कथा की तूती बोलती है,उपन्यास गढ़ने और पढ़ने का वक्त कम ही मिलता है.आप क्या कहेंगे?
  2. साहित्य संस्कृति के इलाके में राजनीति और धड़ेबाजी को लेकर आपके विचार
  3. समाज  में आज भी साहित्य बदलाव लाने का बड़ा साधन बन सकता है,मध्य प्रदेश के परिदृश्य में ये कितना सही लगता है?
  4. साहित्य को लेकर पाठकीयता के ग्राफ पर आप क्या सोचते हैं?,वैसे अभी तक आपके भी तीन उपन्यास 'व्यास गादी' ,'बूढ़ी डायरी' और 'को अहम्' बाज़ार में आये,क्या अनुभव रहा ?
  5. साहित्य-संस्कृति के झमेले में अपनी शुरुआत से आज तक के सफ़र पर कुछ कहना चाहेंगे ?
  6. देशभर में छपने छपाने का दौर है,पढ़ने की आदत बूढा रही है,मगर लोगों का लेखन जवान हो रहा है,बहुत सा ज्य़ादा और अपरिपक्व ........क्या लगता है ?
  7. मीडिया के बढ़ते हुए  मनमानीकरण और ठीक ठाक स्तर पर आ जाने से लघु पत्रिकाओं और ब्लॉग्गिंग जगत से क्या आस लगाई जा सकती  हैं ?
  8. सत्य,भाव,आदर्श,ईमान,सादगी अहिंशा और स्वाभिमान जैसे गुणों की बात अब बेमानी लगती है....गहराते उपभोक्तावादी दृष्टिकोण पर क्या अनुभव करते हैं ?
  9. आपकी कौनसी रचनाएँ पाठकों के लिए आने वाली हैं ?
  10. कोई ऐसी बात जो हमारे से पूछने में  छूट गई हो आप बताना चाहें.
सादर,
माणिक 

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