शिक्षा संवाद पुस्तिका का लोकार्पण - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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शिक्षा संवाद पुस्तिका का लोकार्पण

शिक्षा के सवाल समाज परिवर्तन महत्वपपूर्ण प्रश्न है। समाज के सभी पक्षों के इन सवालों पर पनी नजर रख कर राज्य की निती के निर्धारण में अपना योगदान करना चाहिये। विशेषकर मीडिया का यह दायित्व है कि वह समाज के वंचित व गरीब वर्गों की शिक्षा के उपाय कराने के लिए सरकार को निरन्तर आग्रह करें। क्योंकि शिक्षा ही इन वर्गों की सबलीकरण का एक मात्र माध्यम है। महावीर समता संदेश द्वारा किये जा रहे प्रयास प्रशसनीय है तथा मु-हजये इन प्रयासों में अपना योगदान कर बहद प्रशासन्ता होगी। उक्त विचार मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. आई वी. त्रिवेदी ने शनिवार को अपने कार्यालय में महावीर समता संदेश द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘‘शिक्षा संवाद’’ के लोकार्पण करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व जनजाति क्षेत्रों मेें जो अभाव दिखाई देते है उनके बारे में सरकार को सूचित व आग्रत करने का काम महावीर समता संदेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी समतानुसार इस कार्य मंे योगदान करने की चेष्टा करूगा।
    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.बी. लाल पूर्व प्रो. मो.ला. सु. विश्वविद्यालय ने कहा कि शिक्षा के संदर्भ मेें विचार इसलिय भी आवश्यक है क्योंकि यह क्षेत्र जो भ्रष्टाचार से अछुता उसमें भी भ्रष्टाचार पूरी तरह फैल चुका है। शिक्षा के निजीकरण के माध्यम से जो व्यापारी संस्थान खुल रहे है उन्होंने सारे नैतिक मानदण्डों को भूलाकर सिर्फ लाभ कमाने के लिये संस्थाए खोल ली है। गांवों में बच्चा प-सजय़ना तो चाहते है लेकिन सुविधायें नहीं है। स्कूल तो खुले है लेकिन शिक्षक नहीं है।
    कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. वी.बी. सिंह पूर्व कुलपति महाराणा प्रताप कृषि प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय ने कहा कि शिक्षा माध्यम से समाज के अलख जगाने का काम महावीर समता संदेश कर रहा है। उन्होंने कुलपति प्रो. आई वी त्रिवेदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपने कार्यालय के पहले ही सप्ताह  में एक गम्भीर विषय पर लिखी पुस्तिका के विमोचन का कार्य अपने सचिवालय में किया है। उन्होंने इस बाद के लिए उन्होंने बधाई भी दी।
    कार्यक्रम के प्रारम्भ महावीर समता संदेश के सम्पादक डॉ. हेमन्द्र चण्डालिया ने शिक्षा के सवाल पर महावीर समात संदेश के विभिन्न प्रयासों प्रकाशित विशेषाकों आदि के बारे मंे जानकारी देते हुए कहा कि यह पाक्षिक पत्र महज अखबार नहीं बल्कि एक आन्दोलन है। इसका लक्ष्य समाज के विविध पक्षों से विषमता को समाप्त करना है। महावीर समता संदेश प्रधान  सम्पादक हिम्मत सेठ ने कहा कि ग्रामीण व आदिवासी अंचल में अपराधिक उपेक्षा के दर्शन होते है कोटड़ा, -हजयाडौल, ओगणा, आदि स्थानों पर विद्यार्थियों जन प्रतिनिधियों शिक्षको, व बालका के सम्मेलन कर महावीर समता संदेश ने जो तथ्य जुटाये है उनका प्रकाशन इस पुस्तिका में किया गया है। उन्होंने सभी का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अनिल पालीवाल, दिनेश व्यास, कैलाश बिहारी वाजेपयी ने भी विचार व्यक्त किया।
    प्रो. जैनब बानू, प्रो. टी.एम. दक, पत्रकार शान्तिलाल सिरोया, गोपाल वैष्णव, एडवोकेट मन्नाराम डांगी, एडवोकेट बलवन्तसिंह, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजी. उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष शान्तिलाल गोदावत,  इंजी. ज्ञान प्रकाश सोनी, समाज सेवी शांतिलाल भण्डारी, मदन नागदा, मोहन चौधरी, मो. इशाक, पत्रकार फुलशंकर डामोर आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 हिम्मत सेठ 
प्रधान सम्पादक
महावीर समता सन्देश                                             

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