कलाकार का एक और नज़रिया-3 - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

नवीनतम रचना

कलाकार का एक और नज़रिया-3

 रवि कुमार सवर्णकार जो रावतभाटा ,राजस्थान के रहने वाले हैं ने अपने रचनाकर्म के ज़रिये एक अलग राह का सृजन किया है आज हम उनके बनाए कुछ पोस्टर पोस्ट कर रहे हैं वैसे वे अब यदा-कदा अपनी रचनाएँ अपनी माटी पर  भी हमारे पाठकों के लिए प्रस्तुत किया करेंगे.उनके बनाए रेखाचित्र समाज के बहुत सारे  पहलुओं पर हमारा ध्यान खींचते नज़र आते हैं. ravikumarswarnkar@gmail.com पर हम उन्हें अपनी विचारों से अवगत भी करवा सकते हैं.






रवि बाबू का परिचय एक नज़र में 
कविता, समीक्षा एवं चित्रांकन
कुछ कविताएं ‘परिवेश’, ‘वातायन’, ‘अलाव’, ‘अभिव्यक्ति’, ‘वागर्थ’
‘एक और अंतरीप’, ‘समता संदेश’, ‘प्रशांत ज्योति’ आदि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित कुछ रेखाचित्रों का विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन कुछ कविता-पोस्टर एवं कला-चित्र प्रदर्शनियां आयोजित साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी
रुचियाँ :
साहित्य, कला, आलोचना
व्यक्ति, विचार, मनोविज्ञान, समाज, दर्शन
एक व्यक्ति के नाते, ज़िन्दगी बहुत छोटी है…
और सम्पूर्ण मानव जाति द्वारा समेटा गया ज्ञान बहुत विराट….. हमें ज़िन्दगी भर एक जिज्ञासू विद्यार्थी की तरह इसके अनुसन्धान में लगे रहना है…… बड़ा मुश्किल है, एक व्यष्टि के नाते अपने आपको समय के साथ ले आना….
रवि कुमार
रावतभाटा, कोटा, राजस्थान.

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