हिन्‍दी में रवीन्द्रनाथ ठाकुर - Apni Maati Quarterly E-Magazine

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हिन्‍दी में रवीन्द्रनाथ ठाकुर

रवीन्द्रनाथ  ठाकुर के 150वें जयंती वर्ष के दौरान साहित्‍य अकादेमी, नई दिल्‍ली द्वारा इसके रवीन्‍द्रभवन स्तिथ  सभागार में प्रयाग शुक्‍ल द्वारा रविंद्रनाथ के गीतों के अनुवाद की सुंदर प्रस्‍तुत 28 जुलाई 2010 को हुई। कार्यक्रम के आरंभ में औपचारिक स्‍वागत भाषण करते हुए अकादेमी के उपसंपादक देवेन्‍द्र कुमार देवेश ने बताया कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की रचनाओं के हिन्दी अनुवादों का नियमित प्रकाशन इंडियन प्रेस, प्रयाग की पत्रिका  सरस्वती के प्रकाशन के साथ अर्थात् 1900-1901 ई. से ही होना आरंभ हो गया था। 

प्रेस के व्यवस्थापक गिरिजा कुमार घोष ‘पार्वती नंदन’ के उपनाम से हिन्दी में मौलिक कहानियाँ लिखा करते थे। उन्होंने ही पहली बार 1901 ई. में रवीन्द्रनाथ की कहानियों का हिन्दी अनुवाद कर प्रकाशित कराया था। लेकिन रविंद्रनाथ के पहले अनुवादक सुपरिचित हिन्दी कथाकार गोपालराम गहमरी थे, जो उनके काव्यनाटक चित्रांगदा का हिन्दी अनुवाद 1895 ई. में ही प्रकाशित करा चुके थे। उनके द्वारा स्‍वयं अंग्रेजी में अनूदित पुस्‍तक गीतांजलि को नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद से तो रवीन्द्रनाथ   की रचनाओं के विभिन्न भाषाओं में अनुवाद का एक अंतहीन सिलसिला ही शुरू हो गया। हिन्दी में सर्वप्रथम 1914 ई. में गीतांजलि का देवनागरी लिप्यंतर और फिर 1915 ई. में गद्यानुवाद प्रकाशित हुआ। उसके बाद से अद्यतन गीतांजलि के हिन्दी अनुवादों की संख्या तीन दर्जन से भी ज्यादा हो चुकी है।

गीतांजलि के अनुवादकों में से एक प्रयाग शुक्ल जी भी हैं। प्रयाग शुक्‍ल ने रवीन्‍द्रनाथ के गीतों की विशिष्‍टताओं का उल्‍लेख करते हुए उनके कुछ गीत पहले मूल बांग्‍ला में और फिर उनके हिन्‍दी अनुवाद प्रस्‍तुत किए। उनके अनुवादों को  उपस्थित   श्रोता समाज की भरपूर सराहना मिली, जिसमें अशोक वाजपेयी, गिरधर राठी, अरविन्‍द कूमार, ए. कृष्‍णमूर्ति, अशोक भौमिक जैसे नामचीन लोग शामिल थे।

ब्‍लॉग की दुनिया में इंटरनेट पाठकों के लिए हिन्‍दी गीतांजलि नामक ब्‍लॉग रवीन्द्रनाथ   को हिन्‍दी में प्रस्‍तुत करने का नवीनतम प्रयास है, जिसमें रोज एक नए गीत का हिन्‍दी अनुवाद देवेन्‍द्र कुमार देवेश द्वारा प्रस्‍तुत किया जा रहा है।

देवेश कुमार देवेश का एक परिचय:-
 'किशोर लेखनी'(1988-98) एवं 'बाल दर्शन'(1991-94) जैसी महत्‍त्‍वपूर्ण पत्रिकाओं का संपादन और 'बिहार सत्‍ता' एवं 'सोनभद्र एक्‍सप्रेस' दैनिक समाचारपत्रों में स्‍तंभ लेखन(1990-91)। 'मैलोरंग' एवं 'किल्‍लोल' पत्रिकाओं के संपादकीय परामर्शदाता। प्रकाशित कृतियॉं : किशोर साहित्‍य की संभावनाऍं(आलोचना, संपादित, 2001), मुक्तिसोपान जलालाबाद(बांग्‍ला से अनु., ले. सुरेश दे, 2002),चंद्रकिशोर जायसवाल की कहानियॉं(आलोचना, 2003), कथा चयनिका(संपादित कहानी-संग्रह, 2004), कविता कोसी(संपादित कविता-संग्रह, पॉंच खंड, 2007, 2008, 2009), कोसी नदी : परिचय एवं संदर्भ(2009), आगामी पल का निर्माण(ए.जे. थॉमस की अंग्रेजी कविताओं के अनुवाद, 2009)।
devesh.sa.ndls@gmail.com
सम्पादन मंडल,अपनी माटी 

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