किरण आचार्य की कविता:-''पुतलियाँ पूछती है प्रश्न '' - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

नवीनतम रचना

किरण आचार्य की कविता:-''पुतलियाँ पूछती है प्रश्न ''

(भोपाल गैस  काण्ड ,फोटो साभार )
जमीं में आधे दबे
शिशु शव  की फैली सफेद
पुतलियाँ कह रही है बहुत कुछ
पूछती है बहुत कुछ
हैरान हो कर,

मैं जीना चाहता था
भरपूर जीवन,
सो रहा था
उस रात माँ की छाती
से लिपट कर,
अचानक मौत घुलने लगी
छोटे छोटे फेंफड़ों  में
घुटने लगा दम
जब आँख खुली 
पुतलियाँ जहरीली छुअन
से घबरा गई
चीखता चिल्लाता
रोता तडपता रहा,
जान लेवा दर्द से,

देख रहे हो ना
देखते क्यों नहीं
देखो 
मेरी फैली हुई सफेद पुतलियाँ,
मौत भी साथ
न ले जा सकी
वो दर्द
चेहरे पर अभी भी है,

इन फेफडों में भर कर ताजा हवा
मैं भोपाल की गलियों में
दौडना चाहता था
मैं जीना चाहता था
भरपूर जीवन

ताजा हवा में जिसने घोला जहर
वो रौंद कर मुर्दों के ढेर
कैसे पहुँच गया सीमा पार
पैसों की खनकती थैली
हुई कहाँ कहाँ खाली
उसने खरीद ली समय की धारा 
हेलीकोप्टर  उड़ाती  हवा की धारा
छब्बीस बरस बाद जाना
कि कानून की धारा भी
खरीद ली गई थी तभी,

पंद्रह हजार सात सौ चैबीस हत्याओं
की सजा बस 
सात सौ तीस दिन
अरे!!!! एक मौत का एक दिन
तो लिया होता उनसे

मेरी अँधी माँ
ढाई दशक  से खाँसते बापू के घाव
फिर उतने ही हरे हो
कर रिसने लगे है
रख सको तो रखो
उन पर कोई मरहम,

मेरी काली पुतलियों का रंग
हो गया सफेद,
वो नीली पुतलियाँ
भी हो जाए जब
न्याय के भय से फैल कर सफेद 
तब का उसका एक छायाचित्र
मेरी बगल में लगा देना
बोलो दे सकोगे ऐसी श्रद्धाँजलि
जमीं में आधे दबे
शिशु शव  की फैली सफेद
पुतलियाँ
पूछती है प्रश्न  ??????????


(किरण आचार्य,हेल्पिंग हेंड नामक सामाजिक संस्था की संचालिका है और वर्तमान में ऑल इंडिया रेडियो में नैम्मित्तिक उद्घोषिका हैं.रचनाकर्म उनका सतत चलता रहता है. आज उनकी पहली रचना प्रस्तुत है.)
किरण आचार्य W/o
श्री अशोक आचार्य
क्वार्टर नंबर- डी-12/1 स्टाफ कोलोनी 
पोस्ट-आदित्यपुरम,वाया-शम्भुपुरा 
चित्तौडगढ-राजस्थान -312 622
kien.acharya@gmail.com,09414420124

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर कविता...आँखे नाम कर दी.

    बहुत अच्छा लिखती हैं आप.
    बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  2. आप की रचना 16 जुलाई के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपने सुझाव देकर हमें प्रोत्साहित करें.
    http://charchamanch.blogspot.com
    आभार
    अनामिका

    उत्तर देंहटाएं

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here