समाचार-''आकोला प्रिंट '' हमारी प्रमुख धरोहर - अपनी माटी

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समाचार-''आकोला प्रिंट '' हमारी प्रमुख धरोहर

आकोला हेण्ड प्रिंट क्रेता विक्रेता सम्मेलन आयोजित 
 जिला कलेक्टर डा0 आरूषी ए. मलिक ने प्राचीन आकोला हेण्ड प्रिंट को दुनिया के देशों में पहुंचाने के लिए आकोला के महिला एवं पुरूष दस्तकारों का आह्वान करते हुए कहा कि वे आधुनिक युग की मांग के अनुरूप आकोला हेण्ड प्रिंट के उत्पादों में नवीन डिजाइनों, कलर मेचिंग एवं वस्त्रों का उपयोग करें ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मुल्य प्राप्त होने पर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी। आकोला में नामदेव हेण्डीक्राफ्ट विकास संस्थान एवं हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से आयोजित आकोला हेण्ड प्रिंट क्रेता विक्रेता सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर  रही थीं। उन्होंने कहा कि यहां की रंगाई छपाई करने वाली हर इच्छुक महिला को महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आकोला हेण्ड प्रिंट से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें हर महिने न्यूनतम 2 हजार रूपये से अधिक की आय अर्जित हो सकेगी तथा जैसे जैसे उनके उत्पादों में परिष्कृतता आएगी वैसे ही उनकी आय में और अधिक वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि यहां के दस्तकारों को परम्परागत हेण्ड प्रिंट के साथ साथ नये नये डिजाइनों, रंगों एवं वस्त्रों का उपयोग अपने उत्पाद में करना चाहिए। इसके लिए यहां के दस्तकारों को नामदेव हेण्डीक्राफ्ट विकास संस्थान के सौजन्य से नवीन डिजाइनों ,रंगों एवं तकनिकी का उपयोग करने के लिए विशेषज्ञ फैशन डिजाइनरों से प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।  जिला कलेक्टर ने आकोला हेण्ड प्रिंट के व्यापक प्रचार प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि हिन्दुस्तान जिंक जैसे बड़े प्रतिष्ठान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आकोला हेण्ड प्रिंट के माध्यम से यहां की महिला दस्तकारों को तकनीकि प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही इनके उत्पादों के विपणन में सहयोग कर इन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने की दिशा में प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आकोला हेण्ड प्रिंट से यहां कि करीब 150 महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जा चुका है तथा इस प्रिंट से जुड़ने की इच्छुक महिलाओं के सर्वे के अनुसार जो महिलाएं अभी इससे जुड़ने से शेष हैं उन्हें भी शीघ्रता से आकोला प्रिंट से जोड़ा जाएगा।

जिला कलेक्टर ने इस सम्मेलन को आकोला हेण्ड प्रिंट को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने की दिशा में पहला कदम बताते हुए कहा कि आज यहां इस सम्मेलन में आए दस्तकारों को आकोला, चित्तौडगढ, राजस्थान एवं देश का नाम विश्व में रंगाई छपाई वस्त्रा उत्पादों में रोशन करने की मिसाल कायम करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां के दस्तकारों को अपने उत्पादों में नये नये रंगों एवं डिजाइनों का उपयोग करने के लिए यहां के सामुदायिक सुविधा केन्द्र में 10 लाख रूपये राशि मशीनें एवं अन्य उपकरण यहां शीघ्र ही लगाए जाएंगेे। उन्होंने इस सम्मेलन में बाहर से आए क्रेताओं का आह्वान किया कि वे आकोला की प्राचीन रंगाई छपाई कला के वस्त्रा उत्पाद करने वाले दस्तकारों को प्रोत्साहित करने में सहयोग करें।

सम्मेलन में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक टी0 एस0 मारवाह ने इस सम्मेलन के आयोजन पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आकोला रंगाई छपाई कलस्टर के तहत यहां के दस्तकारों को अपने उत्पादों में नवीनता लाने के लिए विगत तीन वर्षों से तकनीकि प्रशिक्षण देने के साथ साथ ही उन्हें अपने उत्पादों का विपणन करने की व्यावसायिक प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी देने के साथ साथ यहां के दस्तकारों को देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन करने की सुविधाएं मुहैया करवाई गई है। उन्होंने बताया कि आकोला के 200 दस्तकारों को भारत सरकार के विकास आयुक्त हस्तशिल्प द्वारा आर्टिजन क्रेडिट कार्ड जारी करवाए गए हैं ताकि वे देश के किसी भी स्थान पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों का विपणन एवं प्रदर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर की फैशन डिजाइनर अनुराधा शर्मा एवं दीप्ति कुमावत द्वारा भी यहां के दस्तकारों को रंगाई छपाई की नवीन तकनीक के बारे में जानकारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास की उप निदेशक अजिता ने बताया कि जिला कलेक्टर डाॅ0 मलिक की प्रेरणा से यहां कि रंगाई छपाई की इच्छुक महिलाओं का चार पांच दिन में ही 16  महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया जाकर उन्हें आकोला प्रिट से जोड़ा जा रहा है तथा अब तक यहां 22 महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है। सम्मेलन के अंत में उपखण्ड अधिकारी मुरलीधर मीणा ने अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

जिला कलेक्टर डाॅ0 मलिक ने इस सम्मेलन मंे आकोला हेण्ड प्रिंट की नवीन डिजाइनों के उत्पादों के प्रिंट को समाहित आकोला प्रिंट नामक लघु पुस्तिका का भी विमोचन किया। सम्मेलन में जिला कलेक्टर ने यहां के हीरा लाल, राजमल, दिनेश, राजेश, मनोज, ममता, वीणा सहित अन्य दस्तकारों के नवीन डिजाइन के उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस सम्मेलन में जिला रसद अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा सहित अन्य अधिकारी ,हिन्दुस्तान जिंक के प्रतिनिधि, आकोला के महिला पुरूष हस्तशिल्पी ,मीडियाकर्मी, बाहर से आए क्रेता आदि उपस्थित थे। 

सूचना स्त्रोत :-सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय, चितौड़गढ़ 

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