साहित्यकार विष्णु नागर का सक्रीय पत्रकारिता से नमस्ते - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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साहित्यकार विष्णु नागर का सक्रीय पत्रकारिता से नमस्ते

विष्णु नागर

बहुत कम लोग मीडिया से रिटायर होते हैं. वह भी बेदाग. उनमें से विष्णु नागर भी हैं. वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार विष्णु नागर ने 60 साल की उम्र होने के बाद सक्रिय पत्रकारिता से संन्यास लेने का फैसला कर लिया. वे घर पर रहते हुए बहुत कुछ लिखना-रचना चाहते हैं.
 
उन्होंने अपने इस फैसले से नई दुनिया के प्रधान संपादक आलोक मेहता को अवगत कराया तो आलोक मेहता ने शुरुआत में तो मना किया पर बाद में विष्णु नागर के जिद पर अड़े रहने के कारण उनका इस्तीफा बेमन से स्वीकार कर लिया. भड़ास4मीडिया से बातचीत में विष्णु नागर ने बताया कि वे रोजमर्रा के रुटीन काम से अलग होकर कुठ ठोस लिखना पढ़ना चाहते हैं, इसी कारण रिटायर होने का फैसला किया. विष्णु नागर संडे नईदुनिया के संपादक पद पर कार्यरत थे.

उन्होंने वर्ष 2008 के सितंबर महीने में कादंबिनी के संपादक पद से इस्तीफा देकर नई दुनिया ज्वाइन किया था. करियर की शुरुआत वर्ष 1971 में दिल्ली आकर की. 1974 में विष्णु नागर टाइम्स आफ इंडिया की ट्रेनिंग स्कीम में शामिल हुए. उसके बाद वर्ष 1997 तक नवभारत टाइम्स के हिस्से बने रहे. पूरे 23 साल तक एक ही जगह जमे रहे. 1998 में उन्होंने एचटी ग्रुप ज्वाइन किया. हिंदुस्तान के नेशनल ब्यूरो में काम किया. पांच साल तक कादंबिनी के संपादक रहे. बीच में वे दो साल तक जर्मनी में रहे. वहां रेडियो डायचेवेले की हिंदी सर्विस के संपादक के रूप में काम किया. विष्णु जी की रिटायरमेंट के बाद वाली सबसे क्रिएटिव पारी के लिए हम सभी मीडियाकर्मी शुभकामनाएं देते है और पत्रकारिता में विष्णु नागर के लंबे रचनात्मक योगदान के लिए आभार जताते हैं.

समाचार सौजन्य-भड़ास 4मीडिया 

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