''भारत सम्पूर्ण विश्व की एक मजबूत ईकाई बनेगा''-सलमान हैदर - अपनी माटी

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शुक्रवार, अगस्त 27, 2010

''भारत सम्पूर्ण विश्व की एक मजबूत ईकाई बनेगा''-सलमान हैदर

''पड़ौसी मुल्कों  के साथ  अच्छे व मजबूत रिश्ते  से ही विकास की ओर अग्रसर भारत सम्पूर्ण विश्व की एक मजबूत  ईकाई बनेगा''। यह विचार भारत के पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर ने डा. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से भारत  में भविष्य  विषयक उद्बोधन में व्यक्त किये। सलमान हैदर ने कहा कि विष्व को भारत के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। भारत की वैश्विक  छवि, साख एवं क्षमताये बढी है किन्तु भारत को निरन्तर सतर्क रहते हुए अपने पड़ौसी देशों एवं दुनिया के अन्य देषों के साथ लगातार संवादों  को जारी रखना होगा।  हैदर ने कहा कि भारत अपार संभावनाओं  का देश है तथा अपने नव स्वरुप में उभर रहा है। भारत के सामने गंभीर चुनौतिया है जिससे दृड़ता  एवं सूझ बूझ से मुकाबला  करना होगा।

भारत- चीन व भारत- पाकिस्तान संबंधों पर प्रकाश  डालते हुए हैदर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में इन मुल्कों में साझेदारी व समन्वय का एक माहौल है। भारत व चीन क्लाईमेंट चैंज के मुद्दे पर साझा काम कर रहे है। पाकिस्तान में बाढ से हुए नुकसान के समय भारत की मदद से रिश्ते सुधारने की दिशा  मे एक मजबूत आयाम जुड़ा  है।

भारत के प्रति विश्व  की राय हमारी स्वयं की अपने प्रति राय तथा सम्मुख चुनौतियों व अवसरों, इन तीनों बिन्दुओं का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करते हुए हैदर ने कहा कि कोंफ्लिक्ट के स्थान पर कॉपरेशन  से ही सम्पूर्ण दक्षिण एशिया  सृमधीशील  व विकासशील बनेगा। भारत को विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों का देश  बताते हुए सलमान हैदर ने कहा कि भारत  एशिया  की मातृ-सभ्यता माना जाता है। सामाजिक सद्भाव एवं स्थायित्व के आधार पर ही भारत व पडौसी मुल्क सम्पूर्ण विश्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेंगें।

कश्मीर समस्या पर प्रकाश  डालते हुए हैदर ने कहा कि भारत व पाकिस्तान दोनों  मुल्कों  में लोग यह मानने लगे है कि बातचीत जारी रखने से ही राह निकलेगी। इस संबंध में उन्होने पाकिस्तान के एक पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का भी उल्लेख किया। एशियाई  देशों  को लोगों कि मूलभूत आवश्यकताओं , शिक्षा , स्वास्थ्य आजिविका, पर्यावरण आदि  पर ध्यान देने से ही कई समस्याओं का हल निकल आएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता ने कहा कि वर्तमान की अधिकांश समस्याएँ  एवं चुनौतिया आजादी के पश्चात् की हमारी असफलताओ का परिणाम है।वैश्वीकरण  एवं उदारीकरण का लाभ देश के सभी वर्गो तक पहुंचाना  होगा। तभी सम्पूर्ण विकास सम्भव होगा। प्रो.मेहता ने कहा कि बीसवी शताब्दी की एकमात्र उपलब्धि भारत का प्रजातांत्रिक  विकास है। मेहता ने भारत की विदेश नीति , पडौसियों से सम्बन्ध तथा कूटनीतिक सफलताओं-विफलताओ पर चर्चा की।

ट्रस्ट सचिव नंद किशोर शर्मा ने उदयपुर के नागरिको की ओर से हैदर का स्वागत किया। धन्यवाद ट्रस्ट अध्यक्ष विजय एस. मेहता ने ज्ञापित किया। शिक्षाविद  प्रो. एम.एस. अगवानी, प्रो. ए.बी. फाटक, प्रो. एम.पी. शर्मा, डा. वेददान सुधीर, प्रो. अरुण जकारिया, प्रो. एस.बी. लाल, रवि भंडारी ने विभिन्न जिज्ञासो व प्रश्नों  को हैदर के सम्मुख रखा। संवाद का संचालन नंद किशोर शर्मा ने किया।

सूचना प्रेषक-नितेश सिंह कच्छावा

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