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''हम सब साथ साथ'' और ''इप्टा वार्ता''

Written By अपनी माटी,चित्तौड़गढ़ on शुक्रवार, अगस्त 27, 2010 | शुक्रवार, अगस्त 27, 2010

 पत्रिका: हम सब साथ साथ, अंक: 06, स्वरूप: द्विमासिक, संपादक: शशि श्रीवास्तव, पृष्ठ: 34, मूल्य:15रू.(.वार्षिक 120रू.), ई मेल: , वेबसाईट/ब्लाग: उपलब्ध नहीं , फोन/मो. 01124568464, सम्पर्क: 916, बाबा फरीदपुरी, पश्चिमी पटेल नगर, नई दिल्ली 110.008

बाल पत्रिका हम सब साथ साथ का यह अंक बच्चों के विकास की रचनाओं के साथ प्रकाशित किया गया है। अंक में विनोद बब्बर, मधु शर्मा की रचनाएं व ज्योति गजभिये, प्रो. शामलाल कौशल, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, आरती वर्मा, मदनमोहन श्रीवास्तव के विचार विचार विमर्श के तहत प्रकाशित किए गए हैं। कृष्ण कुमार यादव व राजकुमार तिवारी सुमित्र पर आलेख उपयोगी व जानकारीपरक हैं। हरकीरत हरकीर, माला वर्मा, प्रतीक्षा दुबे, सुभाष राय, सुरेन्द्र दत्त सेमल्टी, पूनम अरोड़ा, सुमन सिंह, इंदिरा शबनम व किशोर श्रीवास्तव की रचनाओं में बच्चों के लिए नयापन है जो प्रभावित करता है। रश्मि वडवाल की लघुकथाएं, बी.पी. दुबे की ग़ज़ल एवं अनिल कांत की कहानियां भी पठनीय हैं व प्रभावित करती है। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समाचार व प्रस्तुत सामग्री भी अच्छी बन पड़ी है।
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पत्रिका: इप्टा वार्ता, अंक: 39, स्वरूप: मासिक, संपादक: हिमांशु राय, पृष्ठ: , ई मेल: mailto:iptavarta@rediffmail.com.

रंग समाचार पत्रिका इप्टा वार्ता के इस अंक में रंगपेमियों के लिए उपयोगी व संग्रह योग्य समाचारों का प्रकाशन किया गया है। अंक में  दिल्ली की रंग संस्था अस्मिता के द्वारा मंचित नाटक अम्बेडकर और गांधी का समाचार प्रमुखत से प्रकाशित किया गया है। विनीत तिवारी का आलेख ख्यालों की खुशबू को आज़ादी का इंतजार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर लिखा गया हैै। वर्तमान के एक ज्वलंत मुद्दे अश्लीलता व नैतिकता पर आलेख सेक्स, मारेलिटी एंड सेन्सरशिप पाठकों को अपनी ओर आकर्षित कर विषय पर बहुत उपयोगी जानकारी देता है। सहरसा में नाट्योत्सव का आयोजन, विंदा करंदीकर पर आलेख व जयवर्धन के नाटक अर्जेट मीटिग पर पत्रिका में अच्छी रिपोर्टिग की गई है जो हर दृष्टि से सहेजकर रखने योग्य है।

अखिलेश शुक्ल ,कथा-चक्र सम्पादक 

akhilsu12@gmail.com,


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1 टिप्पणी:

  1. पत्रिका: हम सब साथ साथ, मे कोई। रचना भेज। सकते है। हिन्दी। गढवाली

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