एक लोक कलाकार आज चल बसा - अपनी माटी

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बुधवार, सितंबर 08, 2010

एक लोक कलाकार आज चल बसा

हार्दिक श्रृद्धांजली 
बिरहा गायन सम्राट राम कैलाश यादव 
हिन्दुस्तान का एक बहुत सादगी भरा एक  लोक कलाकार आज चल बसा

हम उनके लोक गीतों के साथ-साथ उनकी साफ़-सुथरी आदमीयत को याद रखेंगे.अब ज़माना बदल गया है की कलाकारों के चल बसने के पहले ही उनके बिचौलिए या उनके शिष्य उनके बहुत से ऑडियो और विडियो मेटर तैयार कर इंटरनेट की दुनिया में फैला चुके होते हैं.जो उन्हें उनके बाद के ज़माने में याद करने के काम आते हैं. यहाँ एक बात बड़ी ख़ास है कि  कुछ लोग अपने पीछे इतने गहरे अनुभव छोड़ जाते है कि उन्हें नेट पर ढूँढना या  ऑडियो-विडियो बनाना संभव नहीं है.वे तो बस केवल और केवल अनुभव किए जा सकते हैं. अपने गीतों के ज़रिए सीधे जीवन की सीख देने वाला एक अनपढ़ मगर बड़ा कलाविद चला गया.ये हिन्दुस्तान को एक बड़ा नुकसान ही नहीं बहुत खाली कर देने वाला समाचार है.

''अपनी माटी परिवार ''

1 टिप्पणी:

  1. देश ने ए़क लोक कलाकार खो दिया जो आम लोगो के बीच आम लोगों की बात कर रहा था, उनकी भावनओं को बिरहा में व्यक्त कर रहा था.. लोकगीत के इस पारम्पर को जीवित रखने में उनकी भूमिका सदैव याद राखी जायेगी... इश्वर उनकी आत्मा को शांति दे !

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