Latest Article :

कुछ सार्थक हिंदी पत्रिकाएँ

Written By अपनी माटी,चित्तौड़गढ़ on बुधवार, सितंबर 08, 2010 | बुधवार, सितंबर 08, 2010





‘समय के साखी’

पत्रिका: समय के साखी, अंक: जून-जुलाई10, स्वरूप: मासिक, संपादकः डा. आरती, पृष्ठ: 66, मूल्य:20रू.(.वार्षिक 220रू.), ई मेल:samaysakhi@gmail.com , वेबसाईट :http://www.samaykesakhi.in/ , फोन/मो. 9713035330, सम्पर्क: बी-308, सोनिया गांधी काम्पलेक्स, हजेला हाॅस्पिटल के पास, भोपाल म.प्र. 

पत्रिका का समीक्षित अंक ग़ज़ल विधा पर एकाग्र है। अंक में विशेष रूप से दुष्यंत जी की ग़ज़लों व उन पर एकाग्र रचनाओं का प्रकाशन किया गया है। उनकी ग़ज़लें, पत्र, संस्मरण तथा उनपर एकाग्र आलेख उपयोगी व शोधरत छात्रों के लिए मार्गदर्शक हैं। किशन तिवारी, मोहन सगोरिया, मधु शुक्ला, अनुशपन उपयोगी हैं। ज़हीर कुरेशी पर एकग्र खण्ड व उनसे पारितोष मालवीय की चर्चा अच्छी बन पड़ी है। जीवन सिंह, शिवशंकर मिश्र, राजेन्द्र वर्मा व मेयार सनेही ने बहुत ही बारीकी से आलेखों में ज़हीर कुरेशी के मार्फत ग़ज़ल विधा के अतीत वर्तमान व भविष्य पर विचार किया है। पत्रिका की अन्य रचनाएं, आलेख भी प्रभावित करते हैं ।





‘कथन’

पत्रिका: कथन, अंक: जुलाई-सितबर2010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादकः संज्ञा उपाध्याय, पृष्ठ: 98, मूल्य:25रू.(.वार्षिक 100रू.), ई मेल:kathanpatrika@hotmail.com ,, फोन/मो. 011.25268341, सम्पर्क: 107, साक्षर अपार्टमेंटस, ए-3 पश्चिम विहार, नई दिल्ली 110.०६५


साहित्य व संस्कृति के लिए समर्पित पत्रिका कथन के समीक्षित अंक में समाज के विभिन्न वर्गो की स्थिति का आकलन कर उनके उत्थान के लिए आग्रह करती कहानियों का प्रकाशन किया गया है। प्रकाशित कहानियों में मोक्ष(लक्ष्मी शर्मा), अंधी बहरी आस्था(उर्मिला शिरीष) एवं सब मिले हुए हैं(श्याम जागिड़) शामिल हैं। संतोष चैबे, मनोहर बिल्लौरे, मदन केशरी, श्रीराम दवे, रेखा चमोली एवं आशीष त्रिपाठी की कविताएं भी आज के वातावरण व अपसंस्कृति से लोगों को सचेत करती दिखाई देती है। आशुतोष दुबे की कविताएं तथा रज़ा हैद र का व्यक्ति चित्र पाठकों को बांधे रखने में पूर्णतः सफल रहे हैं। वृंदा  करात के पत्रिका की संपादक संज्ञा उपाध्याय की बातचीत स्त्री सशक्तिकरण के संदर्भ में कुछ नए प्रश्नों के साथ समाधान सुझाती है। सविता सिंह व उर्वशी बुटालिया के स्त्री सशक्तिकरण सबंधी विचार महज खानापूर्ती है, उनमें कुछ भी नयापन नहीं दिखा। जवरीमल पारख का स्तंभ परदे पर अवश्य ही समाज और पर्दे पर स्त्री की भूमिका पर गहन विचार प्रस्तुत कर सका है। पत्रिका की अन्य रचनाएं, समीक्षाएं तथा पत्र आदि भी प्रभावित करते हैं।










 ‘साक्षात्कार’

पत्रिका: साक्षात्कार, अंक: 362-363, स्वरूप: द्वैमासिक, प्रधान संपादक: देवेन्द्र दीपक, संपादकः आनंद सिन्हा, पृष्ठ: 120, मूल्य:30रू.(.वार्षिक 250रू.), 
ई मेल: sahitya_academy@yahoo.com ,फोन/मो. 0755.2554783, सम्पर्क: साहित्य अकादमी, म.प्र. संस्कृति परिषद, संस्कृति भवन, वाण गंगा, भोपाल-3, म.प्र. 

पत्रिका के समीक्षित अंक में रचनाओं को बहुत ही आकर्षक ढंग से प्रकाशित किया गया है। संतोष खरे जी से अनूप अशेष की बातचीत साहित्य जगत की विभिन्न गतिविधियों के साथ साथ वर्तमान साहित्यिक परिवेश पर भी विचार रखती है। डाॅ. प्रेम भारती एवं सुरेश गौतम के आलेख नवीनता लिए हुए हैं। विनोद साब की कहानी दोस्त तथा विभा रानी की कहानी मीडियम वेव दो हजार पर.... ! ने कथ्य व शिल्प के साथ कुछ नए प्रयोग किए गए हैं। नवल जायसवाल, सच्चिदानंद जोशी, सवाई सिंह शेखावत, मृगेन्द्र राय, रश्मि रमानी तथा विनय त्रिपाठी की कविताएं जन सामान्य की भावनाओं को अभिव्यक्ति देती हैं। दिवाकर शर्मा एवं देवेन्द्र आर्य के गीत/दोहे अच्छे व पठनीय हैं। नई कलम के अंतर्गत ऋचा सत्यार्थी की हिंदी ग़ज़लें इस विधा के साथ अच्छी तरह से निर्वाह कर सकीं हैं। पत्रिका की समीक्षाएं, अन्य रचनाएं, पत्र समाचार आदि भी उपयोगी व जानकारी परक हैं।











‘शब्दशिल्पियों के आसपास’

पत्रिका: आसपास, अंक:अगस्त 2010, स्वरूप: मासिक, संपादक: राजुरकर राज, पृष्ठ: 24, मूल्य:5रू.(.वार्षिक 60रू.), ई मेल:shabdashilpi@yahoo.com , वेबसाईट/-http://www.dharohar.net/ , फोन/मो. 0755.2772061, सम्पर्क: एच-3, उद्धवदास मेहता परिसर, नेहरू नगर,भोपाल म.प्र.


रचनाकर्मियों की संवाद पत्रिका आसपास के इस अंक में उपयोगी व साहित्यपे्रमियों के संवाद हेतु जानकारी का प्रकाशन किया गया है। अंक में विभूतिनारायण जी के विवादास्पद प्रकरण को प्रकाशित किया गया है। इसके अंतर्गत ख्यात व्यंग्यकार एवं व्यंग्ययात्रा के संपादक पे्रम जनमेजय के विचार भी उपयोगी हैं। अन्य समाचारों मेें साहित्य अकादमी के नए प्रकल्प, जब्बार ढाकवाला की मृत्यु पर उठे सवाल, तस्लीमा को छोड़ना होगा भारत सहित अन्य समाचारों का प्रकाशन किया गया है। पत्रिका सभी समाचार अन्य पत्रिकाओं से साभार लेकर प्रकाशित करती है। साहित्य अकादमी के निदेशक डाॅ. त्रिभुवनाथ शुक्ल से बातचीत तथा गूगल की हिंदी सर्च सेवा सुधरने का समाचार हिंदी साहित्य के प्रति लोगों की उत्सुकता की जानकारी देता है। माणिक वर्मा से संबंधित समाचार व लीलाधर मण्डलोई, हेमंत शेष, माणिक वर्मा, ममता कालिया एवं चित्रांश को मिले सम्मान के समाचार जानकर प्रसन्नता हुई। आसपास ने एनएचडीसी लि. के स्थापना दिवस समारोह का समाचार विस्तार के साथ प्रकाशित किया है। पत्रिका के अन्य स्थायी स्तंभ, समाचार, हलचल आदि भी प्रभावित कर संवाद स्थापित करने में सफल रहे हैं।





‘प्रगति वार्ता’ 

पत्रिका: प्रगति वार्ता, अंक: 532010, स्वरूप: त्रैमासिक, संपादक: सच्चिदानंद, पृष्ठ: 100, मूल्य:20रू.(.वार्षिक 80रू.), ई मेल: pragativarta@yahoo.co.in ,  फोन/मो. 06436222467, सम्पर्क: प्रगति भवन, चैती दुर्गा स्थान, साहिबगंज 816109(झारखण्ड)

पत्रिका प्रगति वार्ता का समीक्षित अंक ख्यात आलोचक, संपादक व निबंधकार महावीर प्रसाद द्विवेदी जी पर एकाग्र है। अंक में उनके समग्र व्यक्तित्व व कृतित्व पर सारगर्भित सामग्री का प्रकाशन किया गया है। भारत यायावर, डा. तपेश्वरनाथ, श्री रंजन सूरिदेव, डा. राजनारायण, श्री ऋषिकेश राय, डा. हरनिवास पाण्डेय, लता सुमन, श्री चंद्रशेखर तिवारी, कृष्ण कुमार गुप्ता, सच्चिदानंद एवं राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर के आलेख संग्रह करने योग्य हैं। पत्रिका का अंक एक सामान्य पाठक से लेकर साहित्य के शोधार्थी के लिए समान रूप से उपयोगी है। आचार्य द्विवेदी की प्रतिनिध रचनाओं में उनकी कहानियां, कविताएं, जीवनी, निबंध/ललित निबंध एवं समीक्षा आदि पुनः पढ़कर पाठक जान सकेगा की वे आज की घटनाओं व परिस्थितियों को काफी पहले ही जान समझ गए थे। पत्रिका के अतिथि संपादक भारत यायावर का संपादकीय विशेष रूप से पढ़ने योग्य है।





अखिलेश शुक्ल ,कथा-चक्र सम्पादक 

akhilsu12@gmail.com,







Share this article :

0 comments:

Speak up your mind

Tell us what you're thinking... !

'अपनी माटी' का 'किसान विशेषांक'


संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

सह सम्पादक:सौरभ कुमार

सह सम्पादक:सौरभ कुमार
अपनी माटी ई-पत्रिका

यहाँ आपका स्वागत है



यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template