श्रृद्धांजली :-गंगाधर प्रधान नहीं रहे - अपनी माटी

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सोमवार, अक्तूबर 11, 2010

श्रृद्धांजली :-गंगाधर प्रधान नहीं रहे

हमारे देश के बहुत बड़े गुरु गंगाधर प्रधान आज नहीं रहे. हम उनके काम को सादर श्रृद्धांजली देते हैं. मुझे उनके साथ इसी साल जून में पांच दिन रहने का मौक़ा मिला. अभी हाल ही चार दिन पहले उनके गोटिपुआ बालकों के दो नृत्य कार्यक्रम भी करवाएं .दिल बड़ा दुखी है.वे बड़े सरलमना थे.केवल उडिया बोलते थे,कोणार्क नृत्य मंडप नामक संस्था के ज़रिए बालकों में संस्कार और कला भर रहे थे.उड़ीसा ही नहीं समूचा देश इस कलानिधी को याद करेगा.पिछले कुछ दिनों  से उनकी तबियत कुछ खराब थी.मेरा संपर्क उनके प्रमुख कार्यकर्ता बी.सी.बिस्वाल जी से था.उन्होंने बताया कि वे कोमा आ गए और कुछ दिन बाद ही चल बसे.अपनी माटी परिवार की तरफ से हम कोशिश करेंगे कि उनके इस कला यात्रा को आगे बढ़ाएं

सम्पादक .

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