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आमंत्रण:-मां से जुडी रचनाएं आमंत्रित

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on रविवार, नवंबर 14, 2010 | रविवार, नवंबर 14, 2010

(हमारे साथी बोधि सत्व जी ने हमें बताया है कि वे एक अच्छा काम करने जा रहे हैं. उनकी बात हुबहू यहाँ पोस्ट कर रहे हैं.-सम्पादक )

मैं पिछले दो सालों से माँ से जुड़ी कविताएँ संकलित कर रहा हूँ। इस संकलन में देश-विदेश की किसी भी भाषा की कविता को शामिल करने की योजना है। हम हर साल मदर्स डे के नाम पर माँ का दिन मनाते हैं फिर शांत हो जाते हैं। मैंने सोचा क्यों न माँ से जुड़ी... कविताएँ एक जगह जुटाई जाएँ और उसे व्यापक जन समुदाय तक पहुँचाया जाय।


मातृदेवो भव् नाम से बन रहे इस पोथी को पाठकों तक बिना पैसे के पहुँचाया जाएगा। पहला संस्करण 2 हजार प्रतियों का होगा। यदि किताब को लोगों ने सम्हाल कर रखा और पहला संस्करण समाप्त हुआ तो जल्द ही दूसरा संस्करण किया जाएगा।
अभी तक मेरे पास मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, बांग्ला, हिंदी, उर्दू, सिंधी, पंजाबी की करीब 600 कविताएँ जुट गई हैं। संस्कृत के श्लोक और हिंदी के पुराने दोहों के अलावा और बहुत सारी सामग्री इकट्ठा हो गई है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि माँ पर और ऐसा बहुत कुछ लिखा गया होगा जो मुझ तक अभी नहीं आया है । जो माँ की महिमा को उजागर करने में अपनी भूमिका निभा सकता है। तो मैंने सोचा कि आप सब से आग्रह करूँ कि कृपा करके माँ पर आपने जो लिखा हो या जो पढ़ा हो वह मुझे मेल करें या उसकी सूचना दें। यह कविता न हो कर गद्य का छोटा बड़ा टुकडा़ या कोई कहानी भी हो सकती है। निबंध और लेख भी इस संग्रह में संकलित किए जा रहे हैं। माँ पर किसी की अच्छी उक्ति या उद्धरण भी इस संकलन में सादर संकलित किए जाएँगे। उपन्यास और बृहद् ग्रंथों की सूचना दी जाएगी। यह बताना चाहूँगा कि जो रचना जिस माध्यम से मुझ तक पहुँचेगी उस व्यक्ति का नाम गरिमा के साथ प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही किताब की एक प्रति भी।


तो आप सब से माँ की शपथ दिलाते हुए नहीं बल्कि माँ की याद दिलाते हुए यह निवेदन है कि कृपया इस काम को अपने शाब्दिक सहायता से सफल बनाएँ । माँ से जुड़ी सामग्री मेल करें, सामान्य डाक या कूरियर से मुझ तक भेजें। मैं इस साल के अंत तक इस काम को समाप्त करना चाहता हूँ। यदि किसी को 10 पृष्ठ से अधिक का अनुवाद करना पड़े और उसे लगता हो कि इस काम के लिए उसे पैसे मिलने चाहिए तो यह भी किया जाएगा।


रचनाएं भेजने का पता है:-
बोधिसत्व,श्री गणेश कोऑपरेटिव, हाउसिंग सोसायटी,स्वातंत्र्यवीर सावरकर मार्ग,सेक्टर -3, प्लॉट-233, फ्लैट-3,चारकोप, कांदीवली(पश्चिम), मुंबई-400067,0-9820212573,abodham@gmail.com
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1 टिप्पणी:

  1. हम भी अपनी कवितायें भेजेंगे ! सुन्दर और सार्थक प्रयास!

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