Latest Article :
Home » , , , , » पत्रिकाओं के अंक:-''संवेद'' और ''सब लोग''

पत्रिकाओं के अंक:-''संवेद'' और ''सब लोग''

Written By अपनी माटी,चित्तौड़गढ़ on सोमवार, दिसंबर 06, 2010 | सोमवार, दिसंबर 06, 2010


 अंक  डाउनलोड करने हेतु फोटो पर क्लिक करें.
पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid)
शोधार्थी, भारतीय भाषा केंद्र (CIL/SLL&CS, JNU), 

भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान,
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली-110067


Share this article :

1 टिप्पणी:

  1. शुक्रिया माणिक भाई...
    भारत में मुसलमान (सबलोग) और रंगमंच का समकालीन परिदृश्य (संवेद) दोनों ही अंक अपने समय के समाज और कला के महत्ती मुद्दों को समेटते है। इस लिहाज ये यह अंक तैयार किए गए है। आशा है बात दूरतलक जाएगी।
    आपका पुखराज।

    उत्तर देंहटाएं

संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

एक ज़रूरी ब्लॉग

एक ज़रूरी ब्लॉग
बसेड़ा की डायरी:माणिक

यहाँ आपका स्वागत है



ज्यादा पढ़ी गई रचना

यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template