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श्रृद्धांजली -हिंदी खेल पत्रकारिता का स्तम्भ ढह गया

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on गुरुवार, दिसंबर 16, 2010 | गुरुवार, दिसंबर 16, 2010

जन जागरण माडिया  मंच के सदस्यों द्वारा  रेड फाइल कार्यालय में  पत्रकार श्री थपलियाल  के आकस्मिक निधन पर  श्रद्धांजलि  सभा आयोजित की गयी  माडिया मंच के महासचिव  रिजवान चंचल ने  पत्रकार श्री थपलियाल  के आकस्मिक निधन पर  शोक व्यक्त करते हुए कहा की इधर लगभग दो महीनो से लेखन पर विराम सा लगा हुआ था पर १३ दिसंबर को वरिष्ठ पत्रकार साथी कमलेश थपलियाल के निधन की सूचना ने मुझे हिला कर रख दिया  सचमुच, मृत्यु अंत नहीं है बल्कि मृत्यु जीवन समीकरण का अंतिम कोष्ठक है. जिसके बाद किसी व्यक्ति को मरणोपरांत समाज विवेचित करता है समीकरण के बीच छोड़े गए अंकों का योग -वियोग , गुणा-भाग और शेष क्या है. वरिस्ट पत्रकार हरिपाल  सिंह ने श्री थपलियाल  के आकस्मिक निधन को पत्रकरिता जगत की अपूर्णीय रिक्तता बताते हुए   इस्वर से दुःख  की इस घडी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की .- पत्रकार पदमपति शर्मा  ने श्री थपलियाल  के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा की मानवता के इतिहास में अधिकांश की  मृत्यु में समीकरण फल शून्य ही रहा है. सिर्फ कुछ ही ऐसे खुशनसीब होते हैं जो काल की सीमाओं से परे के सत्य हैं . भाई कमलेश भी उनमे से एक हैं. जहाँ जीव विज्ञानं सूत्र से पिता तक बरसी के पहले ही विस्मृत हो जाते हैं वहीं कमलेश कई बरसों तक प्रति वर्ष याद आयेंगे . पत्रकार डी के गौतम ने कहा कि श्री थपलियाल  जी के जाने की खबर यकीनन बहुत दुखी कर देने वाली है. यद्यपि लम्बे अरसे से सार्वजानिक जीवन से वे दूर थे . मै खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि कि जीवन के उस दौर में मुझे उनका सानिध्य मिला जब कैरिअर को लेकर मै बहुत ही उहापोह के दौर से गुजर रहा था .शोक सभा में राजधानी लखनऊ के कई पत्रकार व साहित्यकार उपस्थित थे . (उन्हें ''अपनी माटी'' परिवार की तरफ से भी हार्दिक श्रृद्धांजली-सम्पादक -)

सूचना:-रिज़वान चंचल 
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