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सार-समाचार:-कुम्भा,मीरा और मुनि जिनविजय के शहर की सुध

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on गुरुवार, जनवरी 27, 2011 | गुरुवार, जनवरी 27, 2011


शहर भले ही बहुत पहले पैदा हुए अपने राजा -महाराजाओं के नाम से जाना जाता हो मगर आज की तारीख में हमारे शहर में कितनी सुविधाएं हैं, ज्यादा मायने रखता है. वैसा शौर्य,भक्ति और विद्वता तो रही नहीं जैसी कुम्भा,मीरा और मुनि जिनविजय में थी.बस हम तो उनके नाम का खा रहे हैं. ऐसे माहौल में भी अगर चित्तौड़ नगर में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक की आवभगत करते दरवाजे दिखे तो बात बनती दिखती है,वरना इतिहास को ताक में रखकर शहरों के वर्तमान को नकारने वालों की संख्या भी कम नहीं हैं. जहां पर्यटन स्वागत केंद्र के एकलौते कर्मचारी की अपनी सीमाएं है,वहीं हम सभी आम नागरिकों की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है. शहर के हित आज के अखबार में एक आश्वासन मिला कि 

प्रतिदिन हजारों पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए दुर्ग के पिछवाड़े में सूरजपोल दरवाजे में एक नया गेंट्री डोर को विकसित किए जाने की संभावना भी तलाशी जा रही है। इस संबंध में गत दिनों कलेक्टर रवि जैन भी दुर्ग का निरीक्षण कर पर्यटकों को और अधिक सुविधाएं विकसित किए जाने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दे चुके हैं.
हेरिटेज सिटी के रूप में चित्तौडग़ढ़ के बढ़ते महत्व को देखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन पर स्थित पर्यटन स्वागत केन्द्र (टीआरसी) पर सालों बाद अब फिर से पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने व भोजन (लोजिंग एंड बोर्डिंग) की सुविधा स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी गई है।

इस संबंध में गत दिनों राज्य की पर्यटन मंत्री बीना काक जिले के पर्यटन विकास के बारे में चर्चा कर अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दे चुकी है। जिले में किसी अन्य पर्यटन स्थल को विकसित कर वहां लाइट एंड साउंड सिस्टम स्थापित किए जाने की संभावना भी तलाशी जा रही है। जिले में आने वाले पर्यटकों खासकर अन्य प्रदेशों के अलावा विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए 15 साल पहले तक रेलवे स्टेशन स्थित पर्यटन स्वागत केन्द्र (टीआरसी) में ठहरने व भोजन की सुविधा उपलब्ध थी। इसके लिए कमरों का निर्माण भी कराया गया था। कुछ समय तक इस सुविधा के चलने के बाद यह सुविधा बंद हो गई।

वर्तमान में रेलवे स्टेशन के पास स्थित टयूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर में वापस पर्यटकों के लिए पर्यटकों के लिए लोजिंग व बोर्डिंग सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। इस संबंध में कार्ययोजना बनाने के निर्देश पर्यटन मंत्री बीना काक ने गत दिनों उदयपुर में आयोजित बैठक में यहां के सहायक पर्यटन अधिकारी को दिए थे। इसके अलावा काक बस्सी में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए स्वीकृत 50 लाख रुपए के कार्यों की प्रगति की जानकारी लेने के साथ पर्यटन स्वागत केन्द्र की मरम्मत, सौन्दर्यीकरण, सेंटर को ज्यादा से ज्यादा आकर्षक बनाने, टयूरिस्ट केन्द्र परिसर शादी— ब्याह के लिए लीज पर देने के संबंध में भी प्रस्ताव बनाने के लिए कह चुकी है। पर्यटन मंत्री ने जिले में दुर्ग पर कुंभा महल में संचालित लाइट एंड साउंड सिस्टम के सफलतापूर्वक चलने की बात को देख जिले में किसी एक अन्य पर्यटन स्थल पर भी इसे चलाने के लिए स्थान का चिन्हीकरण करने को कहा है। समीक्षा बैठक में दुर्ग स्थित फतहप्रकाश राजकीय संग्रहालय में खाली पड़े भवन के रंगरोगन व पर्यटन विभाग की ओर से नियुक्त 45 गाइडों के ड्रेस कोड या वर्दी निर्धारण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई.



देशी-विदेशी पर्यटकों को टयूरिस्ट संबंधी जानकारी देने के लिए स्थापित किए गए पर्यटन स्वागत केन्द्र को निखारने की कार्य योजना तैयार हो गई है। टयूरिस्ट इनफोरमेशन सेंटर के विकास के लिए 20 लाख रुपए का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।

जिले में प्रतिवर्ष आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधा व जानकारी देने के उदेश्य से यहां रेलवे स्टेशन पर पर्यटन स्वागत केन्द्र स्थापित हैं। इस इनफोरमेशन टयूरिस्ट सेंटर पर अब और आवश्यक सुविधाओं को विकसित कर उन्हें आकर्षक बनाने की कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें मुख्य तौर पर पर्यटन सहायता केन्द्र आफिस (जनता आवास गृह) की भूमि को समतल कर उस पर आकर्षक टाइले या फर्श लगाने की योजना है। इससे कार्यालय के सामने प्लेटफार्म ऊंचा होगा और सौन्दर्यकरण भी होगा। वही बारिश के दिनों में पानी भरने के अलावा खरपतवार की समस्या से भी निजात मिलेगी। मुख्य कार्यालय की आवश्यक मरम्मत के अलावा मुख्य दरवाजे पर चेनल गेट तथा फिटिंग भी इस प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं। कार्यालय के बाहर वूलिंग की जाएगी। इससे असामाजिक तत्वों का प्लेटफार्म पर डेरा नहीं रहेगा। टयूरिस्ट सेंटर पर रंगरोगन भी होगा। इन सभी कार्यो के लिए पर्यटन विभाग ने 20 लाख रुपए के प्रस्ताव बनाकर पर्यटन सचिव को भेजे जा चुके हैं। अब वहां से इसकी स्वीकृति का इंतजार है



जौहर मेला:-
हर साल होने वाले जौहर मेले के आयोजन के लिए पर्यटन विभाग की ओर से दस लाख रुपए के सहयोग राशि दिए जाने का कार्य का प्रस्ताव तैयार किया गया है। देशप्रेम के लिए जौहर की आग में कूदने वाले हजारों वीरांगानाओं की याद में हर साल मार्च माह में बड़े पैमाने पर जौहर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होता है। इस मेले में करीब 12 साल पहले तक राज्य के पर्यटन विभाग की ओर से एक लाख रुपए का सहयोग दिया जाता था। लेकिन इसके बाद राज्य सरकार ने इसके आयोजन में किसी तरह की राशि दिए जाने से हाथ खींच लिए थे। अब वापस विधायक सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत जौहर श्रद्धांजलि समारोह के लिए पर्यटन विभाग की ओर से राशि दिलाए जाने का प्रयासरत है। इस संबंध में विधायक ने पर्यटन मंत्री बीना काक को पत्र लिखकर जौहर मेले में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के अलावा हजारों लोगों को इससे जुड़ाव होने तथा इससे पर्यटन व्यवसाय को भी फायदा पहुंचने की बात कही है। विधायक जाड़ावत के आग्रह पर पर्यटन मंत्री बीना काक ने यहां पर्यटन विभाग से रिपोर्ट मांगी है। पर्यटन विभाग वापस मंत्री काक को दस से 15 लाख रुपए के प्रस्ताव संबंधी रिपोर्ट भेज चुका है।  
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