रपट:-‘अगर आज लोहिया होते ’’ विषयक व्याख्यान,उदयपुर में - अपनी माटी

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गुरुवार, जनवरी 27, 2011

रपट:-‘अगर आज लोहिया होते ’’ विषयक व्याख्यान,उदयपुर में


उदयपुर 5 फरवरी
‘‘समतावादी समाज के द्वारा ही गरीबी, गौर बराबरी और विकास की राह पर बढ़ा जा सकता है, डॉक्टर लोहिया के ये विचार आज भी प्रांसगिक है’’ ये विचार मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट तथा गांधी मानव कल्याण सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘अगर आज लोहिया होते ’’ विषयक व्याख्यान में सामाजिक चितंक एंव पूर्व सांसद बृज किशोर तिवारी ने व्यक्त किये। तिवारी ने कहा कि यदि लोहिया होते तो इंसान के नियंत्रण वाली साधारण मशीनों के पक्ष में, जाति तोड़ने के विरूद्ध तथा भाषा के सवालों के साथ ही गैर-बराबरी के विरूद्ध संघर्ष कर रहे होते। 
संगोष्ठी में हबीबा बानू ने लोहिया के सस्मरण सुनाते हुए कहा कि और बताया कि वे नारी मुक्ति के सवालों को गम्भीरता से लेते थे साथ ही परिवर्तन के लिए बैचेन रहते थे। उन्होने कहा कि लोहिया युवाओं की शक्ति में पूर्ण विश्वास करते थे इसीलियें युवजन सभा बनाई गई थी।संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरीष्ठ कवि एवं चिंतक नंद चतुर्वेदी ने ‘निराशा के कर्तव्य’ पुस्तिका को उद्रित करते हुए वर्तमान पूंजीवादी सम्मोहनों को छोड़कर लोक संस्कृति व जीवन से शक्ति ग्रहण करने का आहवान किया और बताया कि माओ, मार्क्स, लोहिया, जय प्रकाश आदि लोक से विचार लेते थे।संगोष्ठी में सुधा चौधरी, सज्जनकुमार, बसंती लाल कुकड़ा, पियुष जोशी, ने विचार व्यक्त कियें। संगोष्ठी में विषय प्रर्वतन जेनब बानों ने किया व स्वागत की रस्म मदन नागदा ने अदा की। डॉ. हेमेन्द्र चण्डालिया ने धन्यवाद दिया। मोहनसिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के नंद किशोर शर्मा ने संचालन किया।

रपट:-नंद किशोर शर्मा

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