Latest Article :
Home » , » समाचार :-मीरा चैनल से प्रसारण क्षमता और बढ़ जाएगी

समाचार :-मीरा चैनल से प्रसारण क्षमता और बढ़ जाएगी

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on शनिवार, जनवरी 08, 2011 | शनिवार, जनवरी 08, 2011

चित्तौडग़ढ़ 
आकाशवाणी के मीरा चैनल से प्रसारण क्षमता और बढ़ जाएगी। इसके लिए दुर्ग पर स्थित रिले केन्द्र पर ट्रांसमीटर को अपग्रेड किया जाएगा। इससे मीरा चैनल से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम को 50 से 60 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी सुन सकेंगे।



शहर के गांधीनगर क्षेत्र में 21 दिसंबर 1991 में तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व मौजूदा सांसद डा. गिरिजा व्यास ने आकाशवाणी केन्द्र (प्रसार भारती) का उद्घाटन किया था। पहले इस लोकल रेडियो स्टेशन से सीमित कार्यक्रम ही प्रसारित होते थे, लेकिन 10 साल पहले इस आकाशवाणी केन्द्र का नाम भक्तिमती मीराबाई के नाम पर मीरा चैनल रख लिया गया। स्थापना के साथ ही इस केन्द्र से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए दुर्ग पर रिले केन्द्र स्थापित कर छह किलोवाट का ट्रांसमीटर स्थापित किया था। इस ट्रांसमीटर से अभी तक आकाशवाणी केन्द्र से प्रसारित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को 30 से 40 किलोमीटर क्षेत्र में सुना जा सकता है। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस केन्द्र पर लगे ट्रांसमीटर को अपग्रेड करने का निर्णय ले लिया है। इसके तहत अब इस रिले केन्द्र के ट्रांसमीटर की क्षमता छह किलोवाट से बढ़ाकर 10 किलोवाट की जाएगी। क्षमता बढऩे से इस केन्द्र से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम को अब 50 से 60 किलोमीटर दूर तक गांव में भी लोग एफएम को अपने रेडियो पर सुन सकेंगे। वहीं प्रसारण की क्वालिटी में सुधार आने के साथ ही रेंज भी बढऩे से लोगों को मनोरंजन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस संबंध में अपग्रेड हुए ट्रांसमीटर में लगने वाले लाखों रुपए के उपकरण को पहुंचाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं


डिजीटल लाइब्रेरी:-
प्रसार भारती के आकाशवाणी केन्द्र में अब भविष्य में डिजीटल लाइब्रेरी बनाने की योजना भी तैयार की गई है। इसमें मुख्य तौर पर आसपास के पांच आकाशवाणी केन्द्रों पर मौजूदा व पुराने डाटा की डिजीटल रिकार्डिंग कर दी जाएगी। मीरा चैनल्स से वर्तमान में किसान वाणी, महिला जगत, युव वाणी के अलावा प्रतिदिन समाचारों का प्रसारण होता है। इन दिनों हैलो फोनिंग कार्यक्रम तो नहीं हो पा रहा है। आकाशवाणी ने इसकी जगह एसएमएस के माध्यम से यह कार्यक्रम चलाने की रूपरेखा बनाई थी, लेकिन यह कार्यक्रम सफल नहीं हो पाया। अब नया कार्यक्रम शुरू करने पर विचार चल रहा है।



साभार:-भास्कर न्यूज चित्तौडग़ढ़ 

Share this article :

0 comments:

Speak up your mind

Tell us what you're thinking... !

'अपनी माटी' का 'किसान विशेषांक'


संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

सह सम्पादक:सौरभ कुमार

सह सम्पादक:सौरभ कुमार
अपनी माटी ई-पत्रिका

यहाँ आपका स्वागत है



यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template