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घरानों में मेलभाव बढ़ रहा है:-पंडित बिरजू महाराज

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on शनिवार, मार्च 05, 2011 | शनिवार, मार्च 05, 2011

उदयपुर। 
कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज कहते हैं लखनवी और जयपुरी घराने में अंतर करना अब थोड़ा मुश्किल है। जयपुरी घराने में शौर्य और गति थी तो लखनवी घरानों में कला का मूल स्वरूप था। रही बात घराने की, तो वर्तमान समय में दोनों ही घरानों में अच्छा कौन है, कहना बहुत मुश्किल है। पंडित बिरजू महाराज ने यह बात भास्कर से विशेष चर्चा में शुक्रवार को होटल डेज इंटरनेशनल में कही। पंडित जी यहां पंडित चतुरलाल स्मृति कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए आए हुए हैं।
भास्कर से विशेष मुलाकात में उन्होंने अपने अनुभव के कई रंग बिखेरे। उन्होंने कहा कि बात निचोड़ की आती है तो कला विकसित होना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। जो जयपुर और लखनवी दोनों घरानों में बराबर हुई है। कहते हैं क्लासिकल संगीत को सुनने वालों की संख्या बहुत अधिक है, इसके ह्वास की बात करना भी पाप है।
शास्त्रीय संगीत ईश्वरीय वरदान : पंडित बिरजू महाराज की नजर में शास्त्रीय संगीत एक ईश्वरीय वरदान है। कहते हैं वर्तमान का दौर फूहड़ हो चला है। नृत्य और संगीत की जानकारी के अभाव में भी बड़े पर्दो पर इस अश्लीलता भरे नाच को देखा जा सकता है। रही बात क्लासिकल संगीत की तो उसकी पवित्रता की खुशबू आज भी पूरे देश में है। मैं तो सिर्फ एक ही बात कहूंगा हमारे लायक श्रोताओं और दर्शकों की संख्या आज भी उतनी ही है, जितनी की पूर्व में हुआ करती थी।

बिरजू महाराज की प्रस्तुति आज उदयपुर. 
पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसायटी एवं वेदांता हिंदुस्तान जिंक की ओर से प्रख्यात तबला वादक पंडित चतुरलाल की स्मृति में शिल्पग्राम में शनिवार शाम 6.30 बजे कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में पंडित बिरजू महाराज का नृत्य और पंडित चतुरलाल के पौत्र प्रांशु चतुरलाल की प्रस्तुति होगी।

ताल चक्र से प्रस्तुति देंगे प्रांशु
18 वर्षीय प्रांशु चतुरलाल तबला, वेस्टर्न ड्रम और तुर्किश ड्रम (डरबूका) वाद्य यंत्रों के माध्यम से प्रस्तुति देंगे, जिसे ताल चक्र नाम दिया गया है। इस संबंध में चरनजीत ने बताया कि तीनों वाद्य यंत्रों का मिश्रण शास्त्रीय संगीत की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक पं. चरनजीत ने बताया कि पं. चतुरलाल की स्मृति में कार्यक्रम पिछले 11 सालों से वेदांता ग्रुप के सहयोग से किया जा रहा है। शनिवार को होने वाले आयोजन में मिराज ग्रुप, ऑयल इंडिया लिमिटेड, पॉवर ग्रिड और वेस्ट जॉन कल्चर सेंटर का भी सहयोग रहेगा। कार्यक्रम का संचालन पंडित चतुरलाल की पौत्री श्रुति चतुरलाल करेंगी।
 
दैनिक भास्कर के सौजन्य से 
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