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कवि-कथाकार जनकराज पारीक के दुर्लभ गीत

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on शनिवार, मार्च 12, 2011 | शनिवार, मार्च 12, 2011

गीत-ओळूं
ठेला-ठेल मची सड़कां पर,सुस्तांवण न कठै न ठांव ।
इण माया नगरी में आई ,  ओळूं थांरी    म्हारा गांव ॥
              मिनखपणै रो काळ अठै है,
               पड़्यो प्रीत रो टोटो ।
               ऊपर सूं है घणो फ़ूटरो,
               मन रो माणस खोटो ॥
अठै तीख रो तपै तावडो़ , अठै कठै है बड़ री छांव ।
इण माया नगरी में आई ,  ओळूं थांरी    म्हारा गांव ॥
               अब झूरां बां धरकोटां पर,
               झिरमिर पड़तो पाणी ।
               लारै रै’गी सुख री घड़ियां,
               करती गाणी - माणी ॥
अथै बजारां सुपना बिकग्या,भरी भीड़ में हरया दांव ।
इण माया नगरी में आई ,  ओळूं थांरी    म्हारा गांव ॥
               अठै भीड़ में फ़िरै भटकता,
               बण्या लोग बिणज्यारा ।
               अठै कठै "कासम" री का’णी
               हुणतै रा हुंकारा ॥
अठै है गीत कठै पिणघट रा, अठै सुणौ कागां री कांव ॥
इण माया नगरी    में आई ,  ओळूं थांरी      म्हारा गांव ॥

कविता-म्हूं के बोलूं

म्हूं तो कुछ नीं बोलूं
म्हूं तो चुप हूं साहब,
बाहर सूं दीखूं-
भीतर सूं घुप हूं साहब ।
दड़ बोच्यां बैठ्यो हूं
डरतो तलवारां सूं-
मीठो खरबूजो हूं
कट जासूं धारां सूं ।
थे बळती तीळी माचस री
म्हूं तूडी़ रो कुप हूं साहब ।
थे म्हारी किस्मत रा मालक
थे कहदयो सो ठीक।
हुकुम-हज़ूरी गोल-चाकरी
म्हां हाथां री लीक,
चौकस-चतुर फ़ील्डर थे,अर
म्हूं सीदो सो गुप हूं साहब ।

कवि परिचय
=====
जनकराज पारीक
जन्म=17 सितम्बर 1947
स्थान=श्रीकरणपुर[श्रीगंगानगर]
शिक्षा=एम.ए.[हिन्दी],शिक्षा स्नातक

प्रकाशित कृतियां=
१.सूखा गांव[१९७०][हिन्दी काव]
२.गाडी़ तैयार है[१९८२][बाल कहानियां]
३.अब आगे सुनो[१९८४][हिन्दी काव्य]
४.बांटा हुआ प्रकाश[१९८४][बाल कविताएं]
५.शिकार तथा अन्य कहानियां[१९९३]

अप्रकाशित कृतियां=
१.सोच,सोच कमबख्त[कहानी संग्रह]
२.तुम्हें एक नाम देता हूं[कविता संग्रह]
३.पनिया कैसे भरूं[व्यंग्य]
४.पाठ से पहले[बाल कहानियां]
विशेष=
१. आप अखिलेश्वर के नाम से  भी लिखते हैं।
२.आप राजस्थान साहित्य अकादमी,उदयपुर की सरस्वती सभा के १९८६ से १९८८ तक सदस्य रहे हैं ।
पुरस्कार सम्मान=
१.आपकी कथाकृति"शिकार तथा अन्य कहानियां[१९९३]" पर राजस्थान साहित्य अकादमी,उदयपुर द्वारा १९९७ में "रांगेय राघव पुरस्कार प्रदान किया गया ।
२.राजस्थान साहित्य अकादमी,उदयपुर द्वारा ही आप्को १९९१-९२ में विषिष्ट  साहित्यकार सम्मान प्रदान किया गया ।
३.शिक्षा विभाग,राजस्थान सरकार द्वारा आपको १९९२ में शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया ।
४.आप ज्ञान ज्योति उच्च माध्यमिक विद्यालय,श्रीकरणपुर के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत ओकर स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं ।
पता=30-मंडी ब्लोक,श्रीकरणपुर-335073,जिला-श्रीगंगानगर,राजस्थान,मोबाइल=9414452728

सौजन्य:-
संकलन सहयोग 
ओम पुरोहित 'कागद' 
कवि और संस्कृतिकर्मी 



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