अब प्री-पीएचडी के नियम बदले - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

अब प्री-पीएचडी के नियम बदले

पीएचडी में कॉपी-पेस्ट की प्रवृत्ति को रोकने के लिए नए कानून बनाने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने और सख्ती कर दी है। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(नेट), फैलोशिप आदि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी अब पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
पूर्व में आयोग ने वर्ष 2009 मे मिनिमम स्टेण्डड्र्स एण्ड प्रोसिजर फॉर अवार्ड ऑफ एम.फिल./पी.एचडी डिग्री अघिनियम बनाया था व गजट में प्रकाशन भी किया था। इसमें नियमों को कड़ा करते हुए देश के सभी विश्वविद्यालयों को अघिनियम लागू करने के निर्देश दिए थे। यूजीसी सहायक सचिव बी.के. सिंह ने देश के सभी विश्वविद्यालय को हाल ही में पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि नेट, जेआरएफ, फैलोशिपधारी विद्यार्थियों पर भी अन्य विद्यार्थियों के समान पीएचडी नियम लागू किए जाएं।

अघिनियम में प्रावधान किया गया था कि एम.फिल.और पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य होगी। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर चाहे तो नेट/जेआरएफ/फैलोशिपधारी/सीएसआईआर/स्लेट/गेट  आदि विद्यार्थियों के लिए पीएचडी प्रवेश नियमों में संशोधन कर सकता है। कई विश्वविद्यालयों ने उन्हें पीएचडी प्रवेश परीक्षा से छूट दे रखी थी, वहीं कई स्थानों पर विद्यार्थियों को साक्षात्कार में अतिरिक्त अंक दिए जा रहे थे

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here