'समावर्तन' का मार्च अंक बाज़ार में - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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'समावर्तन' का मार्च अंक बाज़ार में


अब 'समावर्तन' का मार्च अंक बाज़ार में उपलब्ध है. !पाठक साथियों इस बार 'एकाग्र' के अंतर्गत अज्ञेय पर विशेष सामग्री! अज्ञेय का वक्तव्य, कविताएँ,संस्मरण, 'असाध्य वीणा' का पुनर्पाठ, अज्ञेय और रघुवीर सहाय की बातचीत! 'रंगशीर्ष' में इस बार विश्व के प्रसिद्ध चित्रकार विंसेंट वॉन गॉग पर बहुत-सी सामग्री! 'रेखांकित' में युवाकवि दिनकर कुमार (गुवाहाटी) की कविताएँ! रंजना जायसवाल की कहानी इसके अलावा रवीन्द्र स्वप्निल प्रजापति, शिरोमणि महतो, रमेश शर्मा और बद्र वास्ती की कविताएँ! सभी स्थाई स्तंभ! फेसबुक मित्रों से आग्रह कि पत्रिका के स्तर के अनुरूप रचनाएँ इस पाते पर भेजें: निरंजन श्रोत्रिय, संपादक-समावर्तन, 'विन्यास' केंट रोड, गुना (म-प्र.)! रचनाएँ ई-मेल से भी भेजी जा सकती हैं-- niranjanshrotriya@rediffmail.com / niranjanshrotriya@gmail.com
सूचना:- निरंजन श्रोत्रिय सम्पादक,समावर्तन.

1 टिप्पणी:

  1. बढ़िया परिचय कराया है पत्रिका से .. वार्षिक सदस्य बनाने का आग्रह भेज दिया है.. सादर

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