अठ्ठासी पार नन्द बाबू के गीत संग्रह का विमोचन - अपनी माटी

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सोमवार, मार्च 14, 2011

अठ्ठासी पार नन्द बाबू के गीत संग्रह का विमोचन

उदयपुर, 9 मार्च

प्रसिद्ध सहित्यकार नंद चतुर्वेदी के नए गीत संग्रह "गा हमारी जिंदगी कुछ गाका लोकार्पण उदयपुर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में हुआ। इस लोकार्पण कार्यक्रम में प्रसिद्ध समीक्षक डॉनवल किशोर ने कहा कि आज जब समाजवाद का सपना देखना भी मुश्किल हो रहा होउसे देखते रहने के लिए नंद चतुर्वेदी को सलाम। जबकि केंद्रीय मंत्री सी.पीजोशी ने इस अवसर पर कहा कि मैं नंद बाबू के सहित्यिक रूप से मैं ज्यादा परिचित नहीं हूँक्योंकि मैं साहित्य का विद्यार्थी नहीं हूँ। मैं उन्हे समाजवादी विचारधारा के पुरोधा के रूप में ही जानता हूँ। वे राजनीतिक जगत को समझने वाले साहित्यकार हैं और उनके विचार कालातीत हैं।

नंद चतुर्वेदी द्वारा आजादी के बाद लिखे गये बदलाव के समाजवादी गीतों के बारे में कोटा खुला विश्वविद्यालय के उपकुलपति नरेश दाधीच ने कहा कि 88 वर्ष की आयु में नंदजी के गीत जीवंतता और जीजिविषा से भरे हुए हैं। जीवंतता से भरे इस सृजन की चर्चा करते हुए कवि नंद चतुर्वेदी ने कहा कि ये गीत 50 से 60 के बीच लिखे गये है पर इस संग्रह में नये गीतों का समावेश भी किया गया है। नंद चतुर्वेदी ने इस अवसर पर दो गीतों का सस्वर पाठ भी किया।

नंद चतुर्वेदी के पिछले 50 वर्षों से मित्र रहे लोककर्मी महेंद्र भाणावत ने नंद चतुर्वेदी की ठसकठिठोल और ठहाकों की बात करते हुए उन्हे जनकवि बताया। समारोह में उदयपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति आई.पी त्रिवेदी समेत कई महत्वपूर्ण साहित्यिक और सामाजिक हस्तियां शामिल थीं। इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली के राजकमल प्रकाशन ने किया है।

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