डॉ. कमला प्रसाद के हित जसम का सलाम - अपनी माटी

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डॉ. कमला प्रसाद के हित जसम का सलाम


लखनऊ 
जन संस्कृति मंच ने हिन्दी के जाने माने आलोचक , प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव और "वसुधा" के संपादक डा० कमला प्रसाद के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है.आज जारी बयान में जसम लखनऊ के संयोजक कौशल किशोर ने कहा कि  कमला प्रसाद जी का जाना,जनवादी और प्रगतिशील आन्दोलन का भारी नुकसान  है. अपनी वैचारिक प्रतिबधता और साहित्य और समाज में अपने योगदान के लिए हमेशा याद किये जायेंगे . अयोध्या के सम्बन्ध में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ साझा सांस्कृतिक पहल उन्होंने ली थी तथा संयुक्त सांस्कृतिक आंदोलनों में उनकी विशिष्ट भूमिका थी.

हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार और आलोचक कमला प्रसाद का आज शुक्रवार 25 मई की सुबह नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया कैंसर से पीड़ित प्रसाद का लम्बे समय से इलाज चल रहा था. वह मध्यप्रदेश से प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका वसुधा के सम्पादक और प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव थे

मध्य प्रदेश के सतना जिले के गांव धौरहरा में 1938 में जन्मे प्रसाद की प्रमुख कृतियां साहित्य शास्त्र, आधुनिक हिन्दी कविता और आलोचना की द्वन्द्वात्मकता, रचना की कर्मशाला, नवजागरण के अग्रदूत भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं हिन्दी की महत्वपूर्ण पत्रिका "पहल" के संपादन में  भी वे लम्बे समय तक ज्ञानरंजन के साथ रहे .
 कौशल किशोर
संयोजक
जन संस्कृति मंच लखनऊ 

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