प्रसार भारती को स्वतंत्र करने की मांग - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

नवीनतम रचना

प्रसार भारती को स्वतंत्र करने की मांग


 बी.बी.सी.हिन्दी सर्विस के प्रसारण समय में कटौती से उद्धेलित श्रोताओं ने आज प्रेस क्लब में ’’भारतीय रेडियों श्रोता संघ, कैथनपुरवा रायबरेली’’ के तत्वावधान में एक संगोष्ठी में बी0बी0सी0 वर्ल्ड सर्विस और भारत सरकार से लोक प्रसारण को सशक्त करने की मांग की। ज्ञात हो कि बी0बी0सी0 वर्ल्ड सर्विस ने विगत छब्बीस जनवरी को एक निर्णय ले अपनी बहुत सारी सेवाओं को समाप्त कर दिया वहीं हिन्दी सर्विस को एक घंटे तक सीमित कर केवल एक वर्ष और चलाने का निर्णय लिया है। बी0बी0सी0 वर्ल्ड सर्विस के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए बी0बी0सी0 उत्तर प्रदेश के प्रभारी राम दत्त त्रिपाठी ने बताया कि आर्थिक मंदी के चलते ब्रिटिश सरकार ने अपने सभी विभागों में बीस प्रतिशत की कटौती की है जिसका असर हिन्दी सेवा पर भी पड़ा है। प्रदेश के पूर्व सूचना आयुक्त और वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेन्द्र शर्मा ने कहा कि विदेशी प्रसारण सेवाओं के साथ ही देश की प्रसारण सेवाओं में भी तीव्र सुधार की महती आवश्यकता है उन्होंने कहा कि यघपि विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने अपने चुनाव घोषणा पत्रों में आकाशवाणी और दूरदर्शन को स्वायत्तता देने को प्रमुख मुद्दा बनाया लेकिन सत्ता में आकर इसे किसी ने भी पूरी तरह क्रियान्वित नही किया।

संगोष्ठी में आकाशवाणी लखनऊ के कार्यक्रम अधिशासी प्रतुल जोशी ने प्रसार भारती की बदहाल स्थिति को रेखांकित करते हुए बताया कि लोकप्रसारण आज दुनिया के बहुत सारे देशों की  सरकारों के एजेंडे से धीरे-धीरे गायब होता जा रहा है जबकि लोकप्रसारण किसी भी देश की संस्कृति के विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। लखनऊ युनिवर्सिटी के पत्रकारिता विभाग में प्राध्यापक मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि बी0बी0सी का मॉडल लोकप्रसारण का एक अत्यन्त आदर्श मॉडल था किन्तु बाजार की शक्तियों के चलते यह मॉडल भी अब समाप्त होता दिख रहा है। भारतीय रेडियो श्रोता संघ के अध्यक्ष प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि बी0बी0सी0 हिन्दी सर्विस ने श्रोताओं के मध्य अपनी अच्छी विश्वसनीयता बनायी है और ग्रामीण जनता बी0बी0सी की खबरों पर पूरा भरोसा करती है । कार्यक्रम का संचालन भारतीय रेडियो श्रोता संघ के सचिव अर्जुन सिंह भदौरिया ने किया । कार्यक्रम में लखनऊ के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों श्रोता हाथों में तख्तियां लिए बी0बी0सी के निर्णय का विरोध कर रहे थे।वक्ताओं में पूर्व सूचना आयुक्त ज्ञानेद्र शर्मामनो चिकित्सक डाएस सी तिवारी , लखनऊ विश्विद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव , आकाशवाणी के सीनियर प्रस्तोता प्रतुल जोशीआकाशवाणी के इंजिनियर पी के वर्मा , और रेडियो श्रोता संघ के सचिव अर्जुन सिंह भदौरिया प्रमुख थे.

रपट:-
प्रतुल जोशी 
9452739500
pratul.air@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Responsive Ads Here