भारत की 15वीं जनगणना :लिंगानुपात कुछ तो आगे खिसका - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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भारत की 15वीं जनगणना :लिंगानुपात कुछ तो आगे खिसका


भारत की 15वीं जनगणना के पहले और दूसरे चरण के प्रारंभिक आंकड़े गुरुवार को दिल्ली में जारी किए गए। दिल्ली में भारत के जनगणना आयुक्त सी चंद्रमौली ने बताया कि प्रारंभिक आंकड़ो के अनुसार भारत की मौजूदा आबादी एक अरब 21 करोड़ है। इनमें 62 करोड़ पुरुष और 58 करोड़ महिलाएं हैं।गत दस वर्षों में भारत की जनसंख्या की विकास दर में 17.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान कुल जनसंख्या में 18 करोड़ का इजाफ़ा हुआ है। चंद्रमौली ने कहा कि भारत में पिछले दस वर्षों में ब्राज़ील की कुल जनसंख्या जितनी बढ़ोतरी हुई है। 

पंद्रहवी जनसंख्या के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक एक अच्‍छा संकेत यह है कि पिछले दस वर्षों में लिंगानुपात 933 से बढ़कर 940 हो गया है। ये लिंगानुपात वर्ष 1961 के बाद सर्वाधिक है। लिंगानुपात का मतलब प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्‍या से है। हरियाणा के झज्झर में लिंगानुपात सबसे कम 774 है।जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है। इसके बाद महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश आते हैं।जनसंख्या के आधार पर अब भारत का सबसे बड़ा ज़िला महाराष्ट्र का ठाणे है, जबकि पश्चिम बंगाल का उत्तर चौबीस परगना दूसरा सबसे बड़ा ज़िला है।

भारत की 15वीं जनगणना

  • कुल आबादी 121 करोड़
  • कुल 62 करोड़ पुरुष और 58 करोड़ महिलाएं
  • गत दस वर्षों में भारत की जनसंख्या में 17.6 प्रतिशत बढ़ोतरी
  • पिछले दस वर्षों में लिंगानुपात 933 से बढ़कर 940 हो गया
  • लेकिन बच्चो का लिंगानुपात स्वतंत्र भारत के सबसे निचले स्तर पर
  • कुल जनसंख्या में बच्चो का प्रतिशत 3 फीसदी घटा
  • भारत में साक्षरता की दर साल 2001 के मुकाबले करीब 10 फीसदी बढ़ी
  • पिछले दस वर्षों में पुरुषों से 5 प्रतिशत ज़्यादा महिलाएं साक्षर हुई
  • जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य 

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