भारतीय नव वर्ष :चैत्र शुक्ल प्रतिपदा - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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भारतीय नव वर्ष :चैत्र शुक्ल प्रतिपदा


चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के आगमन के साथ आई नव वर्ष की पावन वेला पर सृजन परिवार कि ओर से आपको एवं आपके प्रियजनों को हार्दिक शुभकामनाये!!!हमारी हिन्दू काल गणना विश्व कि सर्वाधिक वैज्ञानिक काल गणना है |इस दिन आने वाले निम्नलिखित अवसर इसे एक विशेष दिवस का दर्जा देते हैं:

नैसर्गिक:संवत्सर के आसपास पेडों में कोपल उग आते हैं,पेड-पौधे हरे-ताजे दिखाई देते हैं ।,ऐतिहासिक:श्री रामचंद्र के राज्याभिषेक इसी दिन हुआ था.शकोंने प्राचीनकालमें शकद्वीपपर रहनेवाली एक जाति हुणोंको (एक खानाबदोश जमात । सन्पूर्व दूसरी शताब्दी में चीन के आसपास इनका मूल निवासस्थान था ) पराजित कर विजय प्राप्त की ।चक्रवर्ती विक्रमादित्य द्वारा प्रारंभ विक्रम संवत इसी दिन से प्रारंभ हुआ था.शालिवाहन ने अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर शालिवाहन संवत इसी दिन प्रारंभ किया.. आध्यात्मिक:  

सृष्टिकी निर्मितिब्रह्मदेवने इस दिन सृष्टिका निर्माण किया अर्थात् यहींसे सत्ययुगका आरंभ हुआ इसी कारण इस दिन वर्षारंभ किया जाता है
देश के विभिन्न भू-भागों में इसे अलग-अलग नामों से मनाते हैं:
  1.  महाराष्ट्र: गुढी पडवा
  2.  कर्नाटक, आंध्र :उगादी
  3.  कश्मीर: नव रोज़
  4.  पंजाब: बैसाखी
  5.  सिंध: चेटी चंड
  6.  बंगाल: नब बर्ष
  7.  असम: गोरु बिहू
  8.  तमिलनाडु: पुथांडू
  9.  केरल: विशु
  10.  शेष भारत: नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 

स्त्रोत:-सृजन परिवार

1 टिप्पणी:

  1. कुछ लोग जीते जी इतिहास रच जाते हैं कुछ लोग मर कर इतिहास बनाते हैं और कुछ लोग जीते जी मार दिये जाते हैं फिर इतिहास खुद उनसे बनता हैं बहुत मार्मिक रचना..बहुत सुन्दर...नवरात्रा की आप को शुभकामनायें!

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