Latest Article :
Home » » लोकार्पण समारोह:'राव राजपूत रासो', 'भक्ति रासो' तथा 'जायंदा जात का गुणहीन अंधकूपी अहंकार'

लोकार्पण समारोह:'राव राजपूत रासो', 'भक्ति रासो' तथा 'जायंदा जात का गुणहीन अंधकूपी अहंकार'

Written By ''अपनी माटी'' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल on सोमवार, अप्रैल 25, 2011 | सोमवार, अप्रैल 25, 2011

दिलीपसिंह चंदज निवासी राज्यास गंगरार की तीन पुस्तकों का लोकार्पण रविवार शाम श्रीसांवलियाजी विश्रान्ति गृह में हुआ। पुस्तकों का लोकार्पण आल इंडिया फेडरेशन के उम्मेदसिंह धौली व समारोह के अध्यक्ष गुमानसिंह, अहमदाबाद से आए शिक्षाविद् चतुरसिंह ने किया। इन तीनों पुस्तकों के नाम हैं राव राजपूत रासो, भक्ति रासो तथा जायंदा जात का गुणहीन अंधकूपी अहंकार। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए डा. स्वामी ओमआनंद सरस्वती ने कहा कि चंदज की इससे पहले तीन पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है और जीवन के आठवे दशक में सामान्य ग्राम में रह कर शोधपूर्ण कार्य किया है। राव रजपूत रासो में एतिहासिक सर्वेक्षण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, साहित्य और इतिहास के अनेक अनुबंध उद्घाटित किए हैं। 

उम्मेदसिंह धौली ने कहा कि राव समुदाय के प्राचीन कवियों ने क्षत्रियों को सदा अपनी पैनी लेखनी से जागृत रखा। तीनों पुस्तकों के लेखक दिलीपसिंह चंदज ने अपने रचित साहित्य का मंतव्य और सार बताया। इस अवसर पर पूर्व डीवाईएसपी पीके एल राव, पूर्व रणधीरसिंह, कालेज शिक्षा के डा. आदितेन्द्र राव, डा. अलका राव, बांसवाड़ा महाविद्यालय में प्रवक्ता महिपालसिंह, राजस्थान विश्वविद्यालय में रीडर नंदसिंह, बीकानेर संभाग की महिला एवं बाल विकास अधिकारी रानी राव और जयपुर के रवीन्द्रसिंह, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सुनील झा ने चंदज के साहित्य सृजन के विषय में विचार विचार रखे। इसके अतिरिक्त नगर के प्रसिद्व कवि अब्दुल जब्बार ने सरस्वती वंदना पेश की। पूर्व आयुर्वेद अधिकारी योगेश शर्मा ने शांति पाठ किया। सीमा श्रीमाली ने वेदों की ऋचाएं सुनाई। 

संचालन सत्यनारायण समदानी ने किया। इस आयोजन में राजस्थान और सीमा प्रांतीय राज्यों के राव, रजपूत समाज के साहित्यप्रेमियों के अलावा नगर के साहित्यकार, कवि, लेखक भी मौजूद हुए। आयोजन के सूत्रधार शिक्षाविद् नारायणसिंह का आभार जताया गया। इनके पिता स्व. प्रेमसिंह राव की पुण्यतिथि पर श्रद्वांजलि अर्पित की गई।
Share this article :

0 comments:

Speak up your mind

Tell us what you're thinking... !

संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

एक ज़रूरी ब्लॉग

एक ज़रूरी ब्लॉग
बसेड़ा की डायरी:माणिक

यहाँ आपका स्वागत है



ज्यादा पढ़ी गई रचना

यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template