अनुभव:अंग्रेज़ी के साथ जितेन्द्र कुमार सोनी के सात दिन - अपनी माटी

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रविवार, अप्रैल 03, 2011

अनुभव:अंग्रेज़ी के साथ जितेन्द्र कुमार सोनी के सात दिन

  यह हफ्ता अंग्रेजी भाषा को अर्पित कर दिया और बहुत कुछ नया जाना इस हफ्ते में मैंने कुल पांच अंग्रेजी फिल्में वक्त चुराकर देखी पाँचों फिल्में कमोबेश एक ही तरह की थी मानव संबंधों, भावनाओं , जातीय द्वेष और पाशविकता को अच्छे तरीके से दर्शाती ये फिल्में बेहद उपयोगी हैं

                     पहली फिल्म थी - अनेक पुरस्कारों से नवाजी गयी  "APOCALYPTO  [ अपोकेलिप्टो ]" ........यह फिल्म अमेरिकन डायरेक्टर  मेल गिब्सन के द्वारा निर्देशित है और इसमें राहत नुसरत फ़तेह अली खान और जेम्स होर्नर का म्यूजिक है यह फिल्म अमेरिका की प्राचीन  माया सभ्यता जो कि मेक्सिको , ग्वाटेमाला आदि क्षेत्रों में 300 ईस्वी से 16 वीं ईस्वी तक स्थापित थी , पर आधारित है इस फिल्म की भाषा भी मायन ही है मगर नीचे इंग्लिश सबटाइटल चलता है जिससे फिल्म आसानी से अक्षरश: समझी जा सकती है   फिल्म में रूडी यन्गबल्ड ने जगुआर के रूप में , दालिया हर्नान्देज़ ने गर्भवती महिला सेवन और राउलो ने वोल्फ़ के रूप में फिल्म में जान डाल दी है जंगल का जीवन , पुरानी माया सभ्यता के क़ानून और अपने परिवार को बचाने के लिए जगुआर का संघर्ष आपको सोचने पर मजबूर कर देता है

                               दूसरी फिल्म थी - district  13  जिसे फ्रेंच में Banlieue 13  कहा जाता है 2004  में पियरे मोरेल द्वारा निर्देशित इस फ्रेंच फिल्म की सबसे खास बात है कि यह फ़्रांस के जातीय विद्वेष को दर्शाती है और इसमें लगभग सभी एक्शन बिना किसी उपकरण और कम्पूटर सिमुलेशन से किये गये हैं डेविड बेल्ले, सिरिल रफ्फेली ,बीबी नासेरी और डेनी वेरिस्मो ने बेहतरीन रोल किया है लएतो के रूप में डेविड और डेमियन के रूप में सिरिल का अभिनय और एक्शन देखकर दांतों तले  उंगली दबा लेंगे यह फिल्म जैसा कि आप जानते हैं कि फ़्रांस के उपनगरीय इलाकों में रहने वाले गरीब लोगों को किस प्रकार का समझा जाता है और पिछले कुछ वर्षों से क्या स्थिति है , को अच्छी तरह से स्पष्ट करती है झुग्गी - झोपड़ियों में रहने वालों के प्रति गोरी चमड़ी का नजरिया और व्यवहार इससे उजागर होता है

                          तीसरी फिल्म district  13  का ही अगला भाग है और वह है -- District 13: Ultimatum (French: Banlieue 13 Ultimatum) इसमें यह फिल्म अपनी पूर्णता  को प्राप्त  कर लेती   है इसमें बताया  गया है कि किस तरह जब थोड़ी सी मानवता दिखाई जाती  है तो  कितनी  समस्याएं  स्वत  ही नष्ट  हो  जाती  हैं

                             चौथी फिल्म थी - BABEL  जिसने गोल्डन ग्लोब, कान फिल्म फेस्टिवल , नेशनल अवार्ड ,बाफ्टा सहित अनेक पुरस्कार जीते हैं अंग्रेजी भाषा की इस फिल्म में ब्रेड पिट ने रिचर्ड जोन्स , एड्रिअना बराज़ा ने  एमिलिया और रिंको किकुची ने  चिको वाताया के रूप में अभिनय करके बेहद प्रभावित किया  इस फिल्म में मोरोक्को , जापान और मेक्सिको -अमेरिका की तीन कहानियाँ साथ-साथ चलती हैं इस फिल्म को जापान , मोरक्को , अमेरिका , मेक्सिको आदि जगह फिल्माया गया है एटलस पर्वत की तलहटी के गाँव तागुनज़ल्ट, मोरक्को का जीवन देखकर आप आतंकवाद और धार्मिक द्वेष को आसानी से समझ सकते हैं  रिंको किकुची का जीवन जापान के शहरी एकाकीपन और बढती यौन उत्कंठाओं को व्यक्त करता है  फिल्म बेहद सुन्दर है

                                                        पांचवी फिल्म थी - ब्लड डायमंड ............ जिसने मुझे बेहद प्रभावित किया और जो अफ़्रीकी जिन्दगी , उनके अभाव और संघर्ष का सीधा प्रमाण है , को देखकर हम बड़े विश्वास के साथ कह सकते हैं कि माता -पिता ही हमें सही रास्ता दिखाते हैं और उनका हर निर्णय हमारे हित में ही होता है यह फिल्म लाइबेरिया और सिएरा लियोन की समस्याएं , और सिएरा लियोन में गृह युद्ध तथा हीरे के अवैध व्यापार जैसे वास्तविक मुद्दों पर आधारित है एडवर्ड ज्विक के द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मछुआरे सोलोमन वेंडी के रूप में दजीमें हौन्सु का अभिनय लाजवाब है फिल्म के अंतिम कुछ दृश्य तो बेहद भावुक और जानदार हैं लियोनार्दो दी केप्रियो और जेनिफर ने भी बेहतरीन काम किया है दक्षिणी अफ्रीका की किम्बरले मीटिंग , 2000 जिसकी वजह से किम्बरले प्रसंस्करण प्रमाणीकरण योजना सामने आई थी , का भी इसमें वर्णन है गृहयुद्ध से पीड़ित देश की समस्याएं और बाल सैनिकों की भयावह जिन्दगी इसमें वर्णित है सचमुच फिल्म देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गृहयुद्ध से पीड़ित इन अल्पविकसित अफ़्रीकी देशों में क्या कुछ नहीं झेलना पड़ता है ....कुल मिलाकर पूरी फिल्म हर लिहाज से शैक्षणिक और वैश्विक परिदृश्य से रूबरू करवाने वाली है यह फिल्म निश्चित तौर पर देखी जानी चाहिए।
                             
इस प्रकार एक हफ्ता पूरी पांच अंग्रेजी [ एक में भाषा मायन थी मगर सब टाइटल अंग्रेजी में थाफिल्मों के कारण रचनात्मक मनोरंजन की दृष्टि से सार्थक रहा

जितेन्द्र कुमार सोनी
साहित्यधर्मी और
प्रशासनिकसेवा प्रशिक्षु  

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