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'भावनाओं को रंग व रेखाओं से साकार रूप देना कला के प्रति सच्चा समर्पण'-घनश्यामसिंह राणावत

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on सोमवार, अप्रैल 04, 2011 | सोमवार, अप्रैल 04, 2011

चित्तौड़ के बेगूं  कस्बे में रहते हुए चित्रकारी के गुर सीखने के बाद बारीक काम के जानकार गुलशन कुमार का पिछला बहुत लंबा समय चित्तौड़ शहर में बीता है.वे यहाँ बहुत सी सांस्कृतिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे.आर्थिक संघर्ष के दिनों में भी अपने काम से कभी नहीं घबराए.उनके विद्यार्थियों के काम को इस अवसर पर उनक गुरु रहे किशन शर्मा जी ने देखा और सराहा है.

जिंक कॉलोनी में रविवार को दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए मजदूर संघ के वरिष्ठ सचिव घनश्यामसिंह राणावत ने कहा कि कोरी भावनाओं को रंग व रेखाओं से साकार रूप देना कला के प्रति सच्चा समर्पण है। जिंक द्वारा समय-समय पर कला, संगीत आदि के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


बेगूं के चित्रकार किशन शर्मा ने चित्र प्रदर्शनी में अतिथि के रूप में कहा कि संस्कृति की उत्कृष्ट परंपरा बनाए रखने में भारतीय लघुचित्र शैली का महता योगदान है। उन्होंने बच्चों की कला अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए चित्रकला के गुर सीखाए। इस अवसर पर मनप्रीत कौर, गजेंद्र लौहार, श्रेया जैन, परिधि आदि द्वारा बनाई गई पेंटिंग सराही गई।



चित्र प्रदर्शनी में मेवाड़, मुगल, किशनगढ़ आदि शैली चित्रों की विशेषताओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इंपीरियल क्लब महिला संरक्षक सुषमा मेहता, सचिव जीएनएस चौहान, प्रोग्राम सचिव मनजीतसिंह, एसके मोड़, योगेश शर्मा, चित्रकार गुलशन जांगीड़, बीएल मारू आदि ने भी विचार व्यक्त किए। दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का समापन सोमवार को होगा। जिंक कॉलोनी के लगभग 25 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में भाग लिया.

ये चित्रकारी प्रशिक्षण का कार्य गुलशन कुमार बहुत लम्बे समय से यहाँ चित्तौड़ में अपने ढंग से कर रहे हैं. वे बहुत सादे और बारीक कलाकार हैं.मेहनत के साथ अपने काम को नजाम देते हैं.उनके कार्य को यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता हैं.
जी.एन.एस.चौहान
सचिव
इम्पीरियल क्लब,जिंक नगर,चित्तौडगढ़
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