चित्तौड़ में गूंजे नारे 'अन्ना तुम संघर्ष करो-हम तुम्हारे साथ हैं' - अपनी माटी Apni Maati

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चित्तौड़ में गूंजे नारे 'अन्ना तुम संघर्ष करो-हम तुम्हारे साथ हैं'

देहली  के जंतर मंतर का मंतर पूरे देश में जिस आग की तहर फ़ैल रहा है उससे ये तो तय बात है कि जनता जाग गई.ज्यादातर हिस्सा जागा हुआ है.बस ज़रूरत इस बात की है कि हमें ईमानदार नेता चाहिए जो इन आन्दोलनों का बिना किसी लाभ की नियत के नेतृत्व कर सके.अन्ना साहेब हजारे में वो बात पूरे देश ने बहुत दूर से ही सही मगर देखी तो है. उन्ही में अपना पूरा विश्वास व्यक्त करते हुए चित्तौड़ की जनता के चयनित और जागरूक युवा और बुजुर्ग साथियों ने  भी यथासंभव एक अल्पकालिक नोटिस पर शुक्रवार की शाम केंडल मार्च किया.शहर के गांधी चौक पर शाम सात बजे से ही लोग एकत्रित होना शुरू हुए जो क्रम के साथ साढ़े सात बजे तक दो सौ की संख्या पार कर गए .अखिलेश श्रीवास्तव और रघुनाथ सिंह मंत्री के संयोजन में गीत संगीत का दौर  चलता रहा.

साढ़े सात बजे सभी ने नारेबाजी के साथ अन्ना के हित में अपने देश के लिए ताकत लगा देने के संकल्प के साथ मोमबत्तियां जलाई.इस आयोजन में पच्चीस के आस-पास महिलाएं भी थे. प्रतिभागियों में जितने युवा उत्साहित थे उतने ही बुजुर्ग भी प्रेरणाओं से भरपूर नज़र आए.देशभक्ति सभी के नारों की आवाजों से बह रही थी.गांधी चौक से सुभाष चौक तक के इस संकडे मगर भरे हुए बाज़ार के रास्ते हुआ ये मार्च दुकानदार और आमजन में जोश भर गया.नारों की आवाज़ से ही आयोजन का मंतव्य साफ़ झलक रहा था.इस पूरे आयोजन में देहली  की तरह यहाँ के स्थानीय मीडिया ने भी भरापूरा सहयोग देते हुए कवर किया.बहुत से फोटू-फाटी खींचे गए.जुलूस जब सुभास चौक में जा थमा तो लोगों ने अपनी बची हुई चिंगारी की मोमबत्तियां यहाँ बनी रेलिंग पर कतार में जा लगाई.यहीं हुई एक छोटी सभा का सञ्चालन आकाशवाणी के पत्रकार साथी जयप्रकाश दशोरा ने किया.

इस अवसर पर शिक्षाविद डॉ. ए.एल.जैन  ने अपने वक्तव्य में कहा कि अन्ना साहेब का जीवन इस देश के हित में हमेशा से ही समर्पित रहा है.मगर इस बार के इस आन्दोलन में बहुत साफ़ बात ये उभर कर आई है कि ये आयोजन किसी पार्टी का किसी पार्टी के विरोध में नहीं होकर ये आम आदमी के व्यवस्थाओं से  त्रस्त  होने  पर  भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है.चाहे उनमें सरकार हो,अफसर हो या की कोई ओर.अपने दो तीन शेर पढ़ते हुए डॉ. जैन ने निष्पक्ष विचारधारा के साथ राष्ट्र हित में होने वाले इस  आयोजन के  लम्बे समय तक चलाने के लिए युवाओं से आव्हान किया.

केंडल मार्च में अभिभाषक संघ,वरिष्ठ नागरिक मंच,शिक्षक संगठन,होज़री व्यवसाय संगठन,गाजर घास उन्मूलन समिति,प्रयास संस्था,पहल संस्थान,पेंशनर समाज सहित कई संस्थान के सदस्य शामिल थे.ख़ास तौर पर मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति गुप्ता,डॉ.नरेन्द्र गुप्ता,जुली स्वर्णकार,विकास अग्रवाल,अजय सिंह,सुनील जागेटिया,गंगाधर सोलंकी,लक्ष्मी नारायण दशोरा,शिक्षक नेता आलोक सिंह,हंसराज सालवी,पत्रकार पवन पटवारी, मौजूद थे.

माणिक
संस्कृतिकर्मी,चित्तौड़

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