होशंगाबाद के लिए मेरी दूसरी बार की यात्रा और कुछ छायाचित्र - अपनी माटी (PEER REVIEWED JOURNAL )

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गुरुवार, मई 26, 2011

होशंगाबाद के लिए मेरी दूसरी बार की यात्रा और कुछ छायाचित्र


 इस यात्रा के लिए बहुत पहले से ही तैयारी थी.ऊपर से अपने साथी और युवा उपन्यासकार अशोक जमनानी के साथ ये सफ़र बेहद बन पडा यादगार रहा.अपने फोटो ग्राफी की रूचि के चलते मैंने बहुत से छायाचित्र आपके लिए यहाँ जुटाए हैं. आशा करता हूँ आपको रुचेंगे.-माणिक  










































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