जाने-माने हारमोनियम वादक पद्मश्री महमूद धोलपुरी नहीं रहे - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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जाने-माने हारमोनियम वादक पद्मश्री महमूद धोलपुरी नहीं रहे


हमें ये जानकार बेहद दुःख हुआ. राजस्थान की धरती का एक होनहार और जाना-माना कलाकार अब नहीं रहा. महमूद धोलपुरी एक ऐसे नाम के धनी पुरुष थे,जो देश के लगभग सभी बड़े कलानिधियों के साथ हारमोनियम पर सांगत कर चुके हैं.अफसोस की अब हमारे बीच नहीं रहे. वे कल नहीं रहे यानिकी पच्चीस मई को दिवंगत हो गए.वे विश्व भर में लोकप्रिय होने के साथ ही देश के सभी बड़े गायकों के चहेते सांगतकार थे.मुझे भी उन्हें सुनने का मौक़ा कई बार मिला.कई सारे संस्मरण हैं.अपने शहर में चित्तौड़ में श्रुति सेदोलिकर जी के साथ हो या  पंडित छन्नूलाल जी मिश्र के साथ.अपने दादाजी उस्ताद बुड्ढा खान जी से प्रारम्भिक हिक्षा लेने के बाद दिल्ली घराने के उस्ताद नासिर अहमद खान साहेब से भी सीखे.धीरे-धीरे उन्होंने खुद की शैली विकसित कर दी.इश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.मात्र अठ्ठावन की उम्र में उन्होंने हमारे लिए हज़ारों यादें पीछे छोड़ी है.तीन पुत्रियों और दो बेटों को छोड़ जाने वाले महमूद जी हमें बहुत याद आएँगे.वे बहुत लम्बे समय से बीमार चल रहे थे.

माणिक

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