'' जरूरी नहीं कि बेहतर कविताएं महानगरों में लिखी जाएं''-डा. नामवर - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

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'' जरूरी नहीं कि बेहतर कविताएं महानगरों में लिखी जाएं''-डा. नामवर

दिल्ली ने बहुतों को खराब किया है। राजनीति को तो खराब कर ही रही है, हिंदी साहित्य को भी खराब कर रही है। अच्छी कविताएं दिल्ली के बाहर के लोग लिख रहे हैं। यह कहना था कि हिंदी के आलोचक और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डा. नामवर सिंह का। डा. सिंह रविवार को जम्मू में युवा हिंदी लेखक संघ की ओर से प्रकाशित किताब के विमोचन के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने पहुंचे हुए थे।


डा. नामवर सिंह का कहना था कि अगर जम्मू से गुजरो तो देखो की कविता की तवी कहां से गुजर रही है। नई भाषा, मुहावरा और अंदाज देख कर उनको खुशी है। जिस बात ने उनको आकर्षित किया है, वह यह है कि जम्मू के कवियों ने बनी बनाई सड़क पर चलने की बजाय छोटी पगडंडी चुनी। यहां ठप्पा मार कविताएं नहीं हैं। यहां दिल्ली, पटना, भोपाल छाप कविता नहीं है। प्रो. सिंह के अनुसार मौजूदा दौरा भ्रष्टाचार का दौर  है और लोगों को प्रधानमंत्री पर भी छींटे दिखाई देने लगे हैं। लेकिन, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कविताओं का जो भी स्वर्णिम युग रहा है वह अंधेरे का युग ही था। भारतीय भाषाओं का सर्वोच्च साहित्य गुलामी के दौरान लिखा है और आजादी के बाद उससे कम स्तर का लिखा गया है। जम्मू के कवियों का यह संकलन उसी चुनौती का जवाब है। यह जरूरी नहीं है कि बेहतर कविताएं महानगरों में ही लिखी जाएं।


कविताएं वही लोग लिख सकते हैं जिनके बाल भले ही सफेद हों लेकिन, दिल काला है। जिनका दिल सफेद हो जाएं तो कविता नहीं लिखी जा सकती। जम्मू का जो कविता संग्रह निकला है उसमें कच्चापन है और वही उसकी खूबी है। यह नहीं भूलना चाहिए कि मौजूदा दौर लोकल का दौर है और लोक का महत्व पढ़ गया है। उनके अनुसार कविता में स्थानीय शब्दों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। स्थानीय रंगत महत्वपूर्ण है।
 हालांकि, कविता में अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल खटकता है। कवि के एक्टिविस्ट होने के सवाल पर उनका कहना था कि यह जरूरी नहीं है कि कवि और एक्टिविज्म का आपस में संबंध हो। कई बार बहुत अच्छे एक्टिविस्ट कवि नहीं होते जबकि कई कवि बहुत अच्छे एक्टिविस्ट हुए हैं।



वरिष्ठ कवि-समालोचक शैलेन्द्र चौहान ने 'तवी जहाँ से गुजरती है' पुस्तक पर पढ़े गए अपने पत्र में समकालीन हिंदी कविता को लेकर विस्तार से जो कुछ  मुद्दे उठाये थे डाक्टर नामवर सिंह ने प्रकारांतर  से उन सभी  बातों पर अपनी सहमति व्यक्त कर दी.




शेख़ मोहम्मद कल्याण
505/2नरवालपाईसतवारीजम्मू -180003
मोबाईल:09906235832

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