Latest Article :
Home » , , » डॉ0 अजीत कुमार सारस्वत की दो गज़लें

डॉ0 अजीत कुमार सारस्वत की दो गज़लें

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on मंगलवार, जून 07, 2011 | मंगलवार, जून 07, 2011


       हम बता देंगे तुम्हें

तुम यहाँ आये हो कैसे, हम बता देंगे तुम्हें।
जाओगे कैसे यहाँ से, हम बता देंगे तुम्हे।।
 
यह इमामों का शहर है, खाँसना भी है मना।
जाओगे उस पार कैसे, हम बता देंगे तुम्हें।।

पत्थरों के इस शहर में, रो पड़ी संवेदना।
उनको समझाओगे कैसे, हम बता देंगे तुम्हें।।

रात-दिन खटते रहो बस, मुँह कभीं खोलो नहीं।
पार तुम पाओगे कैसे, हम बता दंेगे तुम्हें।।

ज़िन्दगानी की डगर आसान कितनी है यहाँ।
पूँछना उनसे नहीं तुम, हम बता देंगे तुम्हें।।

देख कंचन मृग हजारो, तुम यहाँ भरमा गये।
उन मृगों की असलियत क्या, हम बता देंगे तुम्हें।।

दूसरों की राय को, ज्यादा नहीं तुम मानना।
राय कम है चाल ज्यादा, हम बता देंगे तुम्हें।।

राम के इस देश में, रावण के कितने वेश हैं।
तुम नहीं पूंछो किसी से, हम बता देंगे तुम्हें।।

कह रही थी हमसे मीरा, देश है यह कृष्ण का।
है यहाँ कितने वकासुर, हम बता देंगे तुम्हें।।

एक चेहरा हे सुबह का, दोपहर का दूसरा।
तीसरा चेहरा भी उनका, हम बता देंगे तुम्हें।।

तुम समझते थे सभी को, हैं सभीं अपने यहाँ।
कौन अपना है यहाँ पर, हम बता देंगे तुम्हें।।


दर्द का रिश्ता न समझा आपने

यों हमें ठुकरा दिया क्यों आपने।
प्यार का रिश्ता न समझा आपने।।

याद में हम आपकी तपते रहें।
फिर भीं मेरी सुधि नहीं ली आपने।।

आँसुओं के मोतियों के हार की।
कोई भी कीमत न समझी आपने।।

याद कर हम आपको पागल हुए।
दर्द का रिश्ता न समझा आपने।।

कत्ल मेरी है मोहब्बत का किया।
तोड़ कर यह शीशये दिल आपने।।

याद के फूलों में काँटे दर्द के।
ढेर से बिखरा दिये हैं आपने।।

मेरी सुधियों के झरोखों से कभीं।
झांक कर देखा नहीं है आपने।।

मेरे तन-मन में भी बसकर रात दिन।
प्यार की दस्तक नहीं दी आपने।।


 डॉ0 अजीत कुमार सारस्वत
  डी0लिट्0
  प्राचार्य
  बी0एन0के0बी0 पी0जी0 कालेज
  अकबरपुर-अम्बेडकरनगर।





Share this article :

1 टिप्पणी:

संस्थापक:माणिक

संस्थापक:माणिक
अपनी माटी ई-पत्रिका

सम्पादक:जितेन्द्र यादव

सम्पादक:जितेन्द्र यादव
अपनी माटी ई-पत्रिका

एक ज़रूरी ब्लॉग

एक ज़रूरी ब्लॉग
बसेड़ा की डायरी:माणिक

यहाँ आपका स्वागत है



ज्यादा पढ़ी गई रचना

यहाँ क्लिक करके हमारी डाक नि:शुल्क पाएं

Donate Apni Maati

रचनाएं यहाँ खोजिएगा

हमारे पाठक साथी

सम्पादक मंडल

साहित्य-संस्कृति की त्रैमासिक ई-पत्रिका
'अपनी माटी'
========
प्रधान सम्पादक
सम्पादक
सह सम्पादक
तकनिकी प्रबंधक
========
संपर्क
apnimaati.com@gmail.com
========

ऑनलाइन

Donate Us

 
Template Design by Creating Website Published by Mas Template