गिरीश भट्ट की कहानी "माँ" प्रथम - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित ई-पत्रिका

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गिरीश भट्ट की कहानी "माँ" प्रथम

गुजराती साहित्य में  नर्मद साहित्य सभा, सूरत के द्वारा वर्ष : 2010  की श्रेष्ठ गुजराती कहानी "माँ" को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया | 18  मई -2011  को संम्पन्न हुए ईस समारोह में गुजराती साहित्य परिषद् के अध्यक्ष और समर्थ साहित्यकार श्री भगवतीकुमार शर्मा, साहित्य संगम संस्थान के अध्यक्ष और साहित्यकार श्री नानूभाई नायक, डॉ. शरीफा वीजलीवाला, डॉ. जगदीश गुर्जर, डॉ. विजय शास्त्री और साहित्यकार-भावक उपस्थित थे |

सूरत के कहानीकार स्व. केतन मुनशी (1930 -1956 ) के परिवार ने उनकी स्मृति में दस लाख का दान नर्मद साहित्य सभा को दिया था | जिसमें से प्रति वर्ष किसी एक कहानीकार को नगद पचीस हज़ार रूपये और सम्मान से नवाज़ा जता हैं |  वर्ष : 2010  की ईस स्पर्धा में देश-विदेश से 152 कहानियाँ आई थी |  उन में से सुरेंद्रनगर के श्री गिरीश भट्ट की कहानी "माँ" को प्रथम पुरस्कार मिला

पंकज त्रिवेदी 
विश्वगाथा वेबपत्रिका पत्रिका सम्पादक 
http://www.vishwagatha.blogspot.com  

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