अरविंद श्रीवास्तव का एकल काव्य पाठ पटना में - अपनी माटी

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अरविंद श्रीवास्तव का एकल काव्य पाठ पटना में


उनकी एक कविता बानगी के रूप में यहाँ 

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मामूली आदमी का घोषणापत्र


मामूली आदमी हूँ
असमय मरूंगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर

या पुलिस लॉकअप में

माफ़ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूंगा
मैं अपना पोस्टमार्टम-ख़र्च




अरविंद श्रीवास्तव का एक परिचय यहाँ पढ़ सकते हैं.और 
उनकी कवितायेँ कविता कोश पर पढ़ी जा सकती है.

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