अरविंद श्रीवास्तव का एकल काव्य पाठ पटना में - अपनी माटी (PEER REVIEWED JOURNAL )

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गुरुवार, जून 23, 2011

अरविंद श्रीवास्तव का एकल काव्य पाठ पटना में


उनकी एक कविता बानगी के रूप में यहाँ 

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मामूली आदमी का घोषणापत्र


मामूली आदमी हूँ
असमय मरूंगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर

या पुलिस लॉकअप में

माफ़ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूंगा
मैं अपना पोस्टमार्टम-ख़र्च




अरविंद श्रीवास्तव का एक परिचय यहाँ पढ़ सकते हैं.और 
उनकी कवितायेँ कविता कोश पर पढ़ी जा सकती है.

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