जनवादी लेखक संघ की तरफ से हुसैन को श्रद्धांजलि - अपनी माटी

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जनवादी लेखक संघ की तरफ से हुसैन को श्रद्धांजलि

जनवादी लेखक संघ मशहूर चित्रकार मक़बूल फि़दा हुसैन के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। हुसैन साहब दुनिया के चोटी के कलाकारों में गिने जाते थे। जीवन भर शिशुवत मासूमियत के साथ अपने कलाकर्म में जुटे इस महान कलाकार ने चित्रकला को एक नया आयाम दिया और हमारे देश की साझा संस्कृति को समृद्ध करने में जो योगदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह दुखद ही है कि इस महान कलाकार को, हिंदू सांप्रदायिक ताक़तों ने सैकड़ों मुकदमें दायर करके़, इतना परेशान किया कि उन्हें अपना प्यारा वतन छोड़ कर निर्वासन का दर्द झेलना पड़ा और एक अन्य देश की नागरिकता लेनी पड़ी।

 सत्ताधारी कांग्रेस की गठबंधन सरकार ने भी इस कलाकार को सम्मानजनक तरीके़ से वतन वापस लाने की कभी कोशिश नहीं की।जनवादी लेखक संघ मक़बूल फि़दा हुसैन के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके परिवारजनों व मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
 
मुरली मनोहर प्रसाद सिंह,
महासचिव और  चंचल चौहान, महासचिव

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