हंस रजत जयंती समारोह में आप आ रहे है ना ? - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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हंस रजत जयंती समारोह में आप आ रहे है ना ?


राजेन्द्र यादव के संपादन में जनचेतना की प्रगतिशील पत्रिका ‘हंस’ प्रकाशन के 25 वर्ष पूरे करने जा रही है। हिंदी समाज ही नहीं, पूरे देश और देश की तमाम भाषाओं के लिए यह एक गौरवपूर्ण घटना है। ‘हंस’ के शैशवकाल से ही प्रेमचंद के साथ-साथ महात्मा गांधी, राजगोपालाचारी, कन्हैयालाल, माणिकलाल मुंसी, काका कालेलकर आदि विभूतियों के नाम जुड़े हुए थे। यह सर्वविदित है कि साहित्यिक पत्राकारिता की विरल पड़ती धारा को अगस्त, 1986 से ‘हंस’ ने लगातार प्रवाहमान बनाये रखा न सिपर्फ कथा साहित्य, बल्कि विभिन्न विधओं के लिए इस पत्रिका ने मंच की भूमिका निबाही। अपने समय के अध्सिंख्य महत्वपूर्ण रचनाकारों की रचनाएं ‘हंस’ में ही प्रकाशित हुई। कथा साहित्य तो ‘हंस’ का पर्याय रहा ही है। दलित विमर्श, नारी विमर्श, सांप्रदायिकता विरोध् और सामाजिक नवजागरण जैसी देश-समाज की वृहत्तर बहसें ‘हंस’ के पन्नों पर ही साकार हुई।



हंस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक संक्षिप्त आयोजन करने जा रहे है। हर बार की तरह इस बार भी हम आपकी सहभागिता की अपेक्षा करेंगे। 

1. हंस के साथ जुड़े सहयोगियों का सम्मान
2. साहित्यिक पत्राकारिता और हंस पर डा. नामवर सिंह का वक्तव्य
3. हंस के पच्चीस वर्षो का चयन पर आधरित पुस्तकों का लोकापर्ण






Sunday, July 31 · 5:30pm - 7:30pm

स्थान- ऐवाने गालिब, माता सुंदरी रोड

(बाल भवन के पास),आई टी ओ दिल्ली

आयोजन के हित 'अपनी माटी' परिवार के


तरफ से भी शुभकामनाएं 

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