मालावी गीत:-आओ बेन आपण राखी मनावा - अपनी माटी

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सोमवार, अगस्त 01, 2011

मालावी गीत:-आओ बेन आपण राखी मनावा


आओ बेन आपण राखी  मनावा
नाना के देवा ने मोटा से आशीष पावा
दुःख सुख में आड़े आने को वचन निभावा
दो दन की जिन्दगी दो पल साथ बीतावा
आओ बेन आपण  राखी  मनावा

भावज सारू चुडिलो ने लुगड़ो मगावा
नाना भतीजा सारू झागल्यो झूल सिवावा
भाई होण सारू चम् चमाता जाकेट मंगावा
आओ बेन आपण  राखी  मनावा

बणावा दाल बाटी ने ए लड्डू बाजार से मंगावा
चटनी धणा मिर्ची की ने खातो कचूमर बणावा
रांदा सब्जी आलू की ने चरखी दाल बणावा
आओ बेन आपण  राखी  मनावा

टिक्को काड़ा भाई के  ने उनसे आशीष पावा
लम्बी ऊमर सारू देवी देवता के मनावा
भाई होण की आरती करी के मिठाई खिलवा
आओ बेन आपण  राखी  मनावा



 योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

राजेश एस . भंडारी "बाबु"
104, महावीर नगर, इंदौर
फ़ोन 9009502734
rb@indoreinstitute.com
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