चित्तौड़ में अन्ना हजारे आन्दोलन:-बुजुर्गों के साथ युवाओं की बेहतरीन पारी - अपनी माटी 'ISSN 2322-0724 Apni Maati'

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चित्तौड़ में अन्ना हजारे आन्दोलन:-बुजुर्गों के साथ युवाओं की बेहतरीन पारी


अन्ना हजारे के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में चित्तौड़गढ़ सिविल सोसायटी के मंच पर अपार उत्साह का माहौल रहा। प्रातःकाल से ही करणीमाता का खेड़ा, चित्तौड़गढ़ के युवा संगठन, टेक्सी चालक युनियन, चित्तौड़गढ़, पंप सेट डीलर्स एसोसिएशन एवं इलेक्ट्रिक डीलर्स एसोसिएशन, अन्ना सेना सतपुड़ा, रेल्वे यूनियन आदि संगठनों के सैंकड़ों सदस्य पैदल मार्च एवं वाहन द्वारा जुलूस के रूप में कलेक्ट्री चौराहे पर सिविल सोसायटी के धरना स्थल पर पहुंचे।

क्रमिक अनशन में हिन्दुस्तान जिंक के जीएनएस चौहान, योगेश शर्मा, बाल किशन माली, सीताराम रंगास्वामी, केशव शंकर लौहार, शिवलाल सालवी, राजकुमार पुंगलिया,शंकरलाल जाट, रणवीरसिंह चंदेल, बाबूलाल जाट, दिनेश जैसवाल, विनोद नायक, तुलसीराम मेघवाल, प्रदीप गौड़, मीठालाल वर्मा, जयन्तीलाल खटीक, चन्द्रशेखर पालिवाल, जगदीश बैरागी, बिरला सीमेन्ट से रणवीरसिंह चंदेल, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से श्रीमती सुनिता भट्ट, करणीमाता का खेड़ा के सेवाराम एवं ईश्वरलाल अनशन पर बैठे एवं मंच को ओजस्वी वाणी से उद्बोधन दिया। 

सिविल सोसायटी के सामाजिक कार्यकर्ता गंगाधर सोलंकी, प्रो. एस.एन. समदानी ने बताया कि मंच को कन्हैयालाल खंडेलवाल, भारतीय किसान संघ के लेहरूलाल अहीर, गुरविंदरसिंह, गुरूमुखसिंह, अविनाश सिंह, राधेश्याम सोनी, कैलाश शर्मा, भारतीय मानवाधिकार संगठन दिल्ली के दिलीप बक्षी एवं रमेश मराठा, पूर्व प्राचार्य डी.सी. भाणावत, उद्योगपति नित्यानंद जिंदल, मोहनलाल नामधर, प्रकाश गुर्जर, डॉ. ए.एल. जैन आदि ने संबोधित किया। आन्दोलन की समुचित व्यवस्था शंभूलाल आमेटा ने की।

जिंक नगरवासी (बीचोंबीच सामाजिक कार्यकर्ता जी.एन.एस.चौहान )
28 अगस्त। अन्ना हजारे के अनशन के पिछले बारह दिनों से चल रहे अनशन को दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से जनलोकपालबिल प्रस्ताव पारित कर स्थायी समिति को भेजने जाने एवं अनशन को समाप्त किये जाने के संदर्भ में अभिभाषक संघ चित्तौड़गढ़ ने भारत देश की आम जनता की यह स्वतंत्र भारत देश आजाद होने के बाद पहली जीत बताई है तथा अन्ना हजारे जी का आभार व्यक्त किया। संघ सचिव ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि आज प्रातः सवा दस बजे अभिभाषक संघ अध्यक्ष बद्रीगिरी गोस्वामी, सचिव ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में उपाध्यक्ष रमेशचन्द्र पालीवाल, कोषाध्यक्ष चंचल कुमार गर्ग, एसपीसिंह राठौड़, रजनीश पितलिया, आरीफ अली, कालुलाल सुथार, विक्रम शुक्ला, चांदमल गर्ग अर्जुनलाल तिवारी, प्रदीप काबरा, सूर्यपालसिंह सोलंकी, महिपालसिंह, मालमसिंह, विट्ठलप्रसाद पाण्डे एवं सैकड़ों अधिवक्तागण न्यायालय परिसर से ढोल-नगाड़ों के साथ मिठाईयां बांटते हुए, नारे-बाजी करते हुए नाचते-गाते जिला कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर आकर सिविल सोसायटी के नेतृत्व में चल रहे आन्दोलन के साथ सभी अधिवक्तागण सांसद निवास के बाहर आमरण अनशनकारियों भानुप्रतापसिंह राघव, महिपालसिंह चौहान, गोविन्दसिंह खंगारोत का अनशन तुड़वाने पहुंचे तथा वहां से बड़े जुलूस के रूप में ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्री होते हुए गांधी चौक पहुंचे जहां से सिविल सोसायटी चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आयोजित विशाल विजय जुलूस में शामिल होकर जिला कलेक्ट्रेट स्थित अनशन स्थल पर पहुंच कर संघ सचिव ओमप्रकाश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता भंवरलाल सिसोदिया, रजनीश पितलिया, प्रवक्ता आरीफ अली आदि ने अपने विचार रखे। 

संघ सचिव शर्मा ने बताया कि भविष्य में अगर कोई आम जनता के हित में संघर्ष, आन्दोलन करेगा तो अभिभाषक संघ पूर्व की तरह पूर्णरूप से आम जनता के लिए एवं आन्दोलनकारियों को पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान करेगा। जिला अभिभाषक संघ, चित्तौड़गढ़ ने चित्तौड़गढ़ जिले की सभी अभिभाषक संघों का व जिले के सभी पत्रकारगणों, व्यापारिक संगठन, यूनियन व आन्दोलनकारियों, महिलाओं, छात्रों आदि का धन्यवाद, बधाई देकर आभार व्यक्त किया। 

अन्ना हजारे के अनशन की समाप्ति व संसद में जनलोकपाल बिल के महत्वपूर्ण तीन प्रावधानों का प्रस्ताव पारित होने पर चित्तौड़गढ़ में जश्न का माहौल रहा। सिविल सोसायटी के साथ ही विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में गांधी चौक से कलेक्ट्री चौराहे तक एक विजय जुलूस में सैंकड़ों नागरिकों ने जनता की ऐतिहासिक जीत पर गुलाल व फूलों की बौछार के साथ खुशी का इजहार किया। जुलूस बाद में जिला कलेक्ट्रेट पर एक आम सभा में परिवर्तित हो गया। 

इधर सात दिनों से सांसद गिरिजा व्यास के निवास पर आमरण अनशन पर बैठे भानुप्रतापसिंह, महिपालसिंह व गोविन्दसिंह का दो छोटी बच्चियों ने नारीयल पानी व ज्यूूस पिला कर अनशन तुड़वाया। अनशन समाप्ति के बाद अनशन पर बैठे युवा भी इस सिविल सोसायटी के विजयी जुलूस में अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। जुलूस में उपस्थित सैंकड़ों युवा भारत माता की जय, वन्देमातरम् के जयघोष के साथ ही अन्ना की आंधी, चित्तौड़ में छाई, ये दिवाने कहां चले अन्नाजी के साथ चले जैसे नारों के साथ ढोल की थाप पर थिरक रहे थे। जुलूस में आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता गंगाधर सोलंकी खुली जीप में सवार थे जिनका रास्ते में विभिन्न संगठनों द्वारा फूलों की वर्षा व माला पहना कर स्वागत किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ बच्चे भी हाथ में तिरंगे लिए शामिल हुए। 

सिविल सोसायटी के ए.एल. जैन व जेपी दशोरा ने बताया कि कलेक्ट्रेट पर आयोजित आम सभा में बोलते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता भंवरलाल सिसोदिया ने कहा कि इस आन्दोलन ने आज बता दिया कि जनतंत्र जनता की शक्ति पर टीका हुआ है और जनता ही सर्वोपरि है। भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने की अन्ना की इस मुहिम से आम जन में विश्वास जगा है। अधिवक्ता रजनीश पितलिया ने अन्ना के इस आंदोलन को कारगर रूप से सामने लाने के लिए सूचना के अधिकार कानून के अधिकाधिक उपयोग करने की बात कही वहीं महावीर नवयुवक मण्डल अध्यक्ष सुधीर जैन ने जनलोकपाल बिल के जरिये अमीरी व गरीबी के भेद को मिटा कर आम नागरिकों के हकों को सुरक्षित करने की बात कही। 

आम सभा को सुधीर भटनागर, आरीफ अली, शरद सोनी, जेपी दशोरा, आईएम सेठिया, महेश ईनाणी, विजय मल्कानी, ओमप्रकाश मानधना, विकास अग्रवाल, गंगाधर सोलंकी, प्रकाश गुर्जर सहित अनेक जनों ने सम्बोधित करते हुए जनलोकपाल कानून को अब प्रभावी रूप से लाने की नई लड़ाई के लिए संगठित होने की बात कही। 
मीडिया बना जीत का आधार
आम सभा में डॉ. ए.एल. जैन व अन्य वक्ताओं ने स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मीडिया के द्वारा इस आन्दोलन के व्यापक कवरेज को अन्ना की जीत का एक बड़ा आधार बताते हुए मीडिया के सकारात्मक प्रयासों पर संयुक्त रूप से आभार प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि मीडिया की ही देन थी की पल पल की घटनाओं से देश अवगत होता रहा और इस आन्दोलन को सही दिशा में ले जाने की आगामी रणनीतियां तय होती रही। मीडिया को इस आन्दोलन से स्थानीय स्तर पर अवगत कराने वाले शम्भुलाल आमेटा का भी विशेष आभार प्रदर्शित किया गया। इस दौरान 12 दिन की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले 40 से अधिक संगठनों, अनशनकर्ता और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी जनों का मंच से सामूहिक रूप से धन्यवाद प्रदर्शित किया गया। 

शेम-शेम के लगे नारे -
आम सभा के दौरान जब जब भी स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार की बात कही तो उपस्थित सभी श्रोताओं ने शेम-शेम के नारे लगाते हुए इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की वहीं भविष्य में सभी प्रकार के भ्रष्टाचारों को खत्म करने के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। 
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रिश्वत मांगे तो दिखा दो अन्ना टोपी -
अन्ना के इस आन्दोलन के विजय जुलुस से लेकर आमसभा तक एक जुमला काफी चर्चा में रहा कि अब जब भी कोई अधिकारी या किसी भी स्तर पर रिश्वत मांगी जाए तो उनकी टेबल पर अन्ना टोपी रख कर उनको सबक देने के साथ ही उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाने की अपील की जाए। 

धरना स्थल का नामकरण हो अन्ना चौक -
कलेक्ट्रेट स्थित आन्दोलन स्थल जो कि विगत 12 दिनों से विभिन्न संगठनों, धर्मों व संस्थाओं के सक्रिय सहयोग का साक्षी रहा व इस मंच के द्वारा अन्ना के सिद्धान्तों के अनुरूप जो धार्मिक सद्भाव व भाईचारे की जो मिसाल सामने आई उसको देखते हुए वक्ता विकास अग्रवाल ने इस स्थल का नामकरण अन्ना चौक किये जाने का अनुरोध सभा के माध्यम से जिला प्रशासन से किया।   

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

डॉ. ए. एल. जैन

चित्तौड़ नगर के शिक्षाविद हैं.जो कोलेज शिक्षा से सेवानिवृत प्राचार्य हैं.वर्तमान में भगवान् महावीर मानव समिति चित्तौड़गढ़ के 
  अध्यक्ष,मीरा स्मृति संस्थान के सह सचिव,स्पिक मैके के वरिष्ठ सलाहकार होने के साथ ही वे इस आन्दोलन में संयोजन मंडल में हैं.
draljain@gmail.com,9414109779
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