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हिंदी के क्लासिक उपन्यास 'गोदान' के प्रकाशन के पचहत्तरवें साल में

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on बुधवार, अगस्त 24, 2011 | बुधवार, अगस्त 24, 2011

वाणी प्रकाशन की प्रस्तुति 

क्लासिक उपन्यास पुन:पाठ - 3

                                          'गोदान '

(प्रेमचंद)

सानिध्य: प्रो. मैनेजर पाण्डेय
उपन्यास  परिचय : प्रो. हरीश त्रिवेदी 
संवाद : डॉ. जितेन्द्र श्रीवास्तव  

दिनांक : 24 अगस्त 2011 
समय : 6 बजे 

स्थान :  इंडिया हेबिटाट सेंटर
कॉसरीना हॉल
नई दिल्ली.

आप सभी आमंत्रित हैं.
उपन्यास पढ़कर आएँ और गंभीर सवाल पूछें
हम इस कार्यक्रम का फिल्मांकन करते हैं और पुस्तक के रूप में प्रकाशित करते हैं.
गंभीर सवाल पूछनेवाले 5 विद्यार्थियों/शोधार्थियों को पाँच-पाँच सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.    
शुक्रिया.

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


वाणी प्रकाशन, दिल्ली
फोन : 011-23275710, 23273167
ईमेल: editorial.vaniprakashan@gmail.com


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