डॉ. अजीत कुमार सारस्वत् का तुकांत देशभक्ति गीत - अपनी माटी (PEER REVIEWED JOURNAL )

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रविवार, अगस्त 14, 2011

डॉ. अजीत कुमार सारस्वत् का तुकांत देशभक्ति गीत

जन्म तेरी माटी में लिया है माता हमने तो,

तेरी माटी में ही माता हम खिल जायेंगे।
दुश्मनों की काली करतूतों को न होने देंगे,
पुत्रों के प्रचण्ड तेज से वे हिल जायेंगे।।
तन-मन-धन सारा तेरे ही लिये है माता,
इसको संजों के हम और कहाँ जायेंगे।
गायेंगे तुम्हारे गीत सारी जिन्दगी माँ हम,
चरणों की तेरी धूल में ही मिल जायेंगे।।
भ्रष्टाचार दूर कर शिष्टाचार लायेंगे माँ,
अपकार दूर कर उपकार लायेंगे।
दुष्ट महँगाई ‘सुरसा’ को मार डालेंगे माँ,
जन प्रिय तन्त्र को धरा पे हम लायेंगे।।
आयेंगे धरा पे हम, बस तेरे लिए माता,
तेरे ही लिए हे माता धरती से जायेंगे।
ईश्वर तुम्हारी गोंद दे दे हमें बार-बार,
तेरे लिए माता हम बार-बार आयेंगे।।            


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-
डॉ. अजीत कुमार सारस्वत्,
डी.लिट्. प्राचार्य,


बी.एन.के.बी. पी.जी. कालेज,
अकबरपुर, अम्बेडकरनगर। 
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