जलसा का नया अंक हाज़िर है:-'साल 2011 : निर्वासन' - अपनी माटी ई-पत्रिका

चित्तौड़गढ़,राजस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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जलसा का नया अंक हाज़िर है:-'साल 2011 : निर्वासन'


इस संकलन में :प्रकाशकीयवक्तव्य              
  • देवी
  • प्रसाद मिश्र : मैंने सोचा कि दरवाज़े पर  (कहानियाँ)   
  • फ़ेदेरीको गार्सीया लोर्का : एक बुत की इच्छा (कविता)      
  • आन्द्रेइ वोज़्नेसेन्स्की की तीन कविताएँ  (अनु.: असद ज़ैदी)              
  • बेल्ला अख़्मादूलिना की एक  कविता  
  • शमशेर बहादुर सिंह की कुछ तस्वीरें  (छाया : लक्ष्मीघर मालवीय)   
  • महमूद दरवीश की कविताएँ   (अनु.: अशोक पाण्डे)
  • गिरिराज किराडू की  छह कविताएँ ,व्योमेश शुक्ल  की  नौ कविताएँ, कानेको मित्सुहारु  : तनहाई  (अनु.: लक्ष्मीधर मालवीय),लक्ष्मीधर मालवीय  : बाबू (संस्मरण),   शिवकुमार गाँधी  की छह कविताएँ , राजेश सकलानी  की  ग्यारह कविताएँ,यान्निस रित्सोस : एक मनुष्य एक देश: कविताएँ  (अनु.: मंगलेश डबराल),त्रिभुवन : अरावली के आखिरी दिन (कविता),अनिल यादव : अप्रेम (कहानी), 

अशरफ़ अज़ीज़ : सिगरेट, सिनेमा, सहगल और शराब



 (संस्मरण),मूल्य (एक प्रति): रु. 150आजीवन,सदस्यता: रु. 2000, पिछला संकलन (साल 2010 : अधूरी बातें) उपलब्ध है।

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-
असद ज़ैदी

(मूल रूप से करौली,राजस्थान में जन्मे असद जैदी पिछले पैंतीस बरसों से दिल्ली में हैं.उनके प्रकाशित कविता संग्रह में 'सामान की तलाश','कविता का जीवन' सहित तीन संग्रह आए हैं.शिक्षा,साहित्य और आलोचना में रुचिशील जैदी कई किताबें भी संपादित की है)

बी-957 पालम विहार
गुड़गाँव (हरियाणा) 122017
फ़ोन : 0 98681 26587,jalsapatrika@gmail.com

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