अपने ढंग का पहला बाल साहित्यकार सम्मेलन सलूंबर में - Apni Maati Quarterly E-Magazine

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अपने ढंग का पहला बाल साहित्यकार सम्मेलन सलूंबर में


सलूम्बर  
राजस्थान साहित्य अकादमी और सलूंबर की साहित्यिक संस्था सलिला के तत्वावधान में सात दिवसीय बाल साहित्यकार सम्मेलन 24-25 एवं 26 से 30 सितंबर 2011 तक दो चरण में सलूंबर में आयोजित होने जा रहा है. पहला चरण बाल साहित्यकार सम्मेलन और दूसरा है अध्ययनरत ‘‘बच्चों की लेखन कार्यशाला’’ इस सम्मेलन का केन्द्रिय विषय है- 21 वीं सदी का बाल साहित्य। सम्मेलन के प्रथम चरण उद्घाटन सत्र से 10 बजे प्रारंभ होगा।राजस्थान में कदाचित होने वाला यह पहला प्रयास है कि बालसाहित्य को लेकर सात दिवसीय कोई आयोजन हो रहा हो। आयोजन में राज्य एवं देश के लगभग 50 साहित्यकार व लगभग 200 विद्धार्थी भाग लेंगे।

आयोजन में राजस्थान के अतिरिक्त गुजरात, नई दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के साहित्यकार, पत्रकार, बाल पत्रिकाओं के संपादक शिरकत करेंगेे। शिक्षा जगत के अधिकारी, राजस्थान सरकार के प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, अध्ययनरत बालक-बालिका एवं स्थानीय नागरिको की सहभागिता रहेगी।देश की दो प्रतिष्ठित संस्थाएं नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, भारतीय बाल साहित्य संस्थान कानपुर इसमें सम्मिलित होंगी। इस अवसर पर एन.बी.टी. व रचनाकारों की बाल साहित्य की पुस्तकों, सलिल प्रवाह नामक स्मारिका का लोकार्पण होगा। बाल साहित्य की पुस्तको का लोकार्पण एवं समीक्षा बच्चे करेंगे।

एन.बी.टी.इंडिया, राजस्थान साहित्य अकादमी एवं सलिला की ओर से पुस्तक प्रदर्शनी लगाई जायेगी।राजमहल परिसर में स्थित हाड़ीरानी प्रतिमा को पुष्पाजंली अर्पित की जायेगी। भारतीय बाल साहित्य संस्थान कानपुर एवं सलिला संस्था द्वारा साहित्यकारों का सम्मान किया जायेगा। जिसमें नकद राशि, शॉल, सम्मानपत्र एवं स्मृतिचिन्ह दिया जायेगा। दिनांक 24 सितम्बर को राजमहल परिसर में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।दिनांक 26 से 30 सितम्बर तक सलिला एवं बाल प्रहरी बाल पत्रिका की ओर से लवकुश संस्थान में बच्चों की लेखन पांच दिवसीय कार्यशाला लगाई जायेगी।

रूपरेखा :-उद्घाटन सत्र:
बीज वक्तव्य का विषय होगा- बाल साहित्य, समाज और हमारा समय। 


पत्रवाचन के तीन सत्र होंगे जो क्रमशः दो दिन में पूरे होंगे। 

  • ’प्रथम सत्रः 1. पत्रवाचन - सृजन के सरोकारः किताबों में बचपन
  • ’द्वितीय सत्र 2. पत्रवाचन - हमारी पत्रिकाएं और बाल साहित्य की चुनौतियां
  • तृतीय सत्र 3. पत्रवाचन - मीडिया समाज और बाल साहित्य
योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-
विमला भंडारी 
कहानीकार, 
इतिहासकार,
बाल साहित्यकार होने के साथ ही जन प्रतिनिधि भी हैं.


  • भंडारी सदन, पैलेस रोड, सलूम्बर-313027
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