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''इस दौर की चुनौतियों को समझने में प्रौढ़ शिक्षा महत्वपूर्ण है''-विजय एस.मेहता

Written By 'अपनी माटी' मासिक ई-पत्रिका (www.ApniMaati.com) on शुक्रवार, सितंबर 09, 2011 | शुक्रवार, सितंबर 09, 2011


उदयपुर 9 सित.11 
साक्षर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लियें पंचायती राज का शुद्धिकरण जरूरी है उक्त विचार प्रौढ़ शिक्षाविद सुशील दशोरा ने डॉ. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित संवाद में व्यक्त किये। दशोरा ने कहा कि भारत सरकार के सम्पूर्ण  साक्षरता के लियें घोषित साक्षर भारत - 2012 में महिला साक्षरता पर विशेष तवज्जो दी जा रही है। साक्षरता के कार्यक्रम तथा लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पंचायत एक ईकाई के रूप में कार्य करेगी.सुशील ने कहा कि अब समय आ गया है कि स्वेच्छिक संस्थायें एवं प्रशासन हर घर और ढाणी से प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ते तथा निरक्षर को साक्षर करें। 

पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्रचार्य अनिल मेहता ने कहा कि विकसित भारत की कल्पना तब तक पूरी नही हो सकती जब तक भारत का प्रत्येक नागरिक साक्षर नही हो जाता। मोबाईल फोन को जिस तरह से निरक्षर लोगों ने अपनाया है उसे देख कर यह आशा बलवती होती है कि सम्पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य भी रुचिपूर्ण  पाठ्यक्रम एवं योजना के अच्छे क्रियान्वयन से प्राप्त हो सकता है। 

मैंने भी विचार व्यक्त करते हुए कहां कि पंचायती राज संस्थाओं को दी जा रही  जिम्मेदारियों एवं ग्रामीण सशक्तिकरण का पूरा लाभ निरक्षरता के बने रहने से अधुरा सा है। सरकार तथा नागरिक संस्थाओं को साक्षरता के प्रचार- प्रसार एंव क्रियान्वयन में अपनी भूमिका का निवार्हन सेवाभाव से करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष विजय एस. मेहता  ने कहा कि वर्तमान सन्दर्भ में प्रौढ़ शिक्षा का महत्व ओर भी बढ़ गया है इस दौर की चुनौतियों को समझने में प्रौढ़ शिक्षा महत्वपूर्ण है ।संवाद का संयोजन करते हुये नितेश सिंह कच्छावा ने कहा कि साक्षरता के बल पर ही शोषण एवं भ्रष्टाचार को नीचे के स्तर पर समाप्त किया जा सकता है। 

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


नंद किशोर शर्मा

मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट सचिव
संपर्क सूत्र :-0294&3294658, 2410110 ,
msmmtrust@gmail.com,

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