हमारी नई सेवा:-'अपनी माटी' न्यूज़ पोर्टल - अपनी माटी

हिंदी की प्रसिद्द साहित्यिक ई-पत्रिका ('ISSN 2322-0724 Apni Maati')

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हमारी नई सेवा:-'अपनी माटी' न्यूज़ पोर्टल

नमस्कार
पाठक साथियों


आधार कथन 
ऐसे दौर में हम जी रहे हैं जब अपनी भेजी प्रेस विज्ञप्तियां अखबारों में नहीं छपने को लेखर छाती-माथा कूटते नज़र आते हैं तो न्यू मीडिया की अवधारणा हमें सहारा देती हुए नज़र आती है.जहां सिटिज़न ज़र्नलिस्म का नया कोंसेप्ट भी आया ही है.साहित्यिक,कलावादी और सामाजिक सरोकारों के समाचार एक कॉलम में सिमट कर रह जाते हैं.असी में भला आप ही बताएं कौन सा रास्ता हमें पकड़ना है. यही सोचकर हमने अपने इलाके से देशभर के लिए ये शुरुआत की है.योजनाएं कई सारी है देखो समय हमारे साथ कैसा बर्ताव करता है.नीयत बिलकुल साफ़ है.

आवश्यकता
इस मौसम की बहुत सी मंगल कामनाएं.हम 'अपनी माटी' वेबपत्रिका के बाद अब केवल समाचार के प्रकाशन हेतु एक नया डोमेन पता बनाते हुए 'अपनी माटी' न्यूज़ पोर्टल शुरू कर रहे हैं. अभी ये शुरुआती स्टेज पर है.आपके सुझावों से इसे और भी बेहतर बनाया जा सकेगा,ऐसा हमारा मानना है.हम ये सोच रखते हैं कि 'अपनी माटी वेबपत्रिका पर केवल संग्रहनीय सामग्री और आलेख आदि ही प्रकाशित हों.आयोजनों के समाचार,आमंत्रण पत्र आदि के लिए न्यूज़ पोर्टल की ज़रूरत अनुभव की गयी थी.ये ज़रूर याद रहे हैं कि हम हिंसा,ह्त्या और राजनैतिक आरोप-प्रत्यारों से जुडी खबरें कभी नहीं छापेंगे.

अपनी माटी परिवार के दो साल
पहले तो आप सभी का आभार कि आपके सहयोग से ही वेबपत्रिका इस नवम्बर में अपने दो साल पूरे करने जा रही है.हमारे विधिवत गठित सम्पादन मंडल के सानिध्य में हम आने वाले तीजे साल में भी हमारे पाठक साथियों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए समुचित सामग्री उपलब्ध कराएंगे.आज ये पत्रिका अपने लगभग तीन सौ लेखकों/योगदानकर्ताओं के बूते बहुत पहचान बना चुकी है.हमारे मन में ये भी भाव है कि हम जल्द चित्तौड़ में भी कुछ सांस्कृतिक-सामाजिक आयोजनों को अंजाम दे सकें.इतना सबकुछ बिलकुल अनौपचारिक रूप से ही संभव हो रहा है.पूर्ण रूप से गैर व्याव्सैक अंदाज़ में संचालित इस पत्रिका के दूजे प्रकल्प 'अपनी माटी' न्यूज़ पोर्टल में भी हम आपके सहयोग की कामना करते हैं.इसी साल में हे हम हमारे दो अन्य पोर्टल स्पिक मैके राजस्थान पोर्टल और रेडियोयात्रा को भी आगे बढाने की सोच रखते हैं.समय के साथ सबकुछ आगे बढेगा.यथासमय हम आपको अपडेट करते रहेंगे.

एक ज़रूरी बात हमारे जो साथी ब्लोगिंग करते हैं और इस प्रकल्प में सहयोग करना चाहते हैं उन्हें हम सहभागी बनाते हुए अपने समाचार प्रकाशन करने का अधिकार देना चाहते हैं .ज़रूर बताएं.दूजी बात ये हैं कि जो साथी ब्लोगिंग नहीं करते हैं.वे हमें अपने समाचार इसी ई-मेल पते पर सीधे भजते सकते हैं.

शब्दांजली 
अंत में रंगकर्मी बादल सरकार,शिवराम,मणि कॉल,चित्रकार मक़बूल फ़िदा हुसैन,कामरेड साथी कमला प्रसाद ,रूद्र वीणा वादक उस्ताद असद अलीखान ,ध्रुपद गायक उस्ताद फहीमुद्दीन डागर साहेब को हमारी और से आश्वासन कि हम उनके काम को थोड़ा कुछ भी आगे बढ़ा पाए तो इस में हमारे होने की सार्थकता साबित होगी.

आपके सुझावों की प्रतीक्षा में 

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

आदर सहित,
 
डी-39,पानी की टंकी के पास,
कुम्भा नगर,चितौडगढ़ (राजस्थान)-312001
Cell:-09460711896,
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