‘‘तस्वीर वैसी नहीं है जैसी वह दिखती है’’-यशवन्तसिंह - अपनी माटी Apni Maati

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‘‘तस्वीर वैसी नहीं है जैसी वह दिखती है’’-यशवन्तसिंह


चित्तौड़गढ़। 
सत्य की परिभाषाएँ अनेक मिल जाएगी मगर सत्य कहीं नहीं मिलता। सच को लिखने की हिम्मत जुटाने वाले पत्रकार समय आने पर अपने मीडिया हाउस के चोंचलों में फंसते हुए अपने सिद्धान्तों से समझौता कर लेते हैं। वही कलम ईमानदारी से लम्बे समय तक चल सकती है जिसका आधार सच हो। कमोबेश यही कहना है कि हमें मीडिया, सत्ता, समाज और प्रशासन जैसा ऊपर से दिखता है, तस्वीर उससे कई अलग होती है। नैतिक मूल्यों की बातें उपरी लोगों के द्वारा निचले तबके के लागों के लिए दिया गया एक सोचा समझा दर्शन है। इस दौर में मेन स्क्रीन मीडिया के भरोसो न रहते हुए समाज के हर व्यक्ति को अपने बूते न्यू मीडिया आन्दोलन से जुड़ना होगा, जिसमें ब्लॉग, कम्यूनिटी रेडियो, स्वयं के छोटे-छोटे अखबार शामिल है। 

यह विचार देश की लोकप्रिय समाचार वेबपोर्टल भड़ास फॉर मीडिया के संस्थापक और संपादक यशवन्तसिंह ने एक होटल में आयोजित राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ की राज्यस्तरीय कार्यशाला में मुख्य वक्ता के तौर पर कहे। कार्यशाला के सूत्रधार और चित्तौड़ शाखा के अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने बताया कि गोष्ठी में एक ओर मुख्य वक्ता इंडिया न्यूज के चैनल हेड अतुल अग्रवाल ने भी पत्रकारों की असल स्थिति बयान करते हुए उनकी मूल समस्याओं को अपनी आवाज दी। अतुल अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार कोई आदर्शवादी जीव नहीं है, वह कोई मिशन नहीं बल्कि प्रोफेशन का आदमी है। सामाजिक सरोकारों की जिम्मेदारी केवल पत्रकार के माथे थोप कर उसे उसकी खुद की पारिवारिक जिम्मेदारियों से अलग नहीं देखा जाना चाहिए। पत्रकारों के लिए भी न्यूनतम मजदूरी जैसा कोई कॉन्सेप्ट जरूरी होने की बात अग्रवाल ने पूरजोर तरीके से रखी। 

मंचासीन अतिथियों में श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष ईशमधु तलवार, नवज्योति ब्यूरो चीफ, अजमेर के राजेन्द्र गुंजल, बूंदी जिला प्रमुख राकेश गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष सीपी जोशी, जिला कलेक्टर रवि जैन, विधायक सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत, नगरपालिका उपाध्यक्ष संदीप शर्मा, बिड़ला सीमेन्ट ईकाई अध्यक्ष निरंजन नागोरी, आदित्य सीमेन्ट इकाई अधिकारी जगन्नाथप्रसाद सहित मध्य प्रदेश के राजकीय मेहमान के रूप में बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज शामिल थे। पूरे कार्यक्रम में राज्यभर के चुनिन्दा पत्रकारों के साथ जिले के कई पत्रकार और नीमच, मध्यप्रदेश के पत्रकार भी शामिल हुए। कार्यशाला का संचालन मेवाड़ मीडिया वेलफेयर यूनियन की संभागीय सचिव शकुन्तला सरूपरिया और भीलवाड़ा की संस्कृतिकर्मी प्रतिष्ठा ठाकुर ने किया। 

कार्यक्रम में जिले के 20 साल से अपनी सेवाएं दे रहे पत्रकारों का अभिनन्दन किया गया जिसमें ललकार सम्पादक शरद मेहता, दैनिक नवज्योति संपादक गोविन्द त्रिपाठी, प्रातःकाल से नरेश ठक्कर, जय राजस्थान से हेमन्त सुहालका, स्वतंत्र पत्रकार और पूर्व जनसम्पर्क अधिकारी नटवर त्रिपाठी, कैलाश सोनी को सम्मानित किया गया। अंत में प्रदेशाध्यक्ष ईशमधु तलवार ने श्रमजीवी पत्रकार संघ की कार्यशालाएं प्रत्येक जिले में आयोजित करने का वादा किया। इस पूरी कार्यशाला के बीच में उपस्थित पत्रकारों और श्रोताओं ने आपसी संवाद से भी कई बातों पर चर्चा और विमर्श किया। अंत में आभार अनिल सक्सेना ने व्यक्त किया।  

योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


माणिक,
वर्तमान में राजस्थान सरकार के पंचायतीराज विभाग में अध्यापक हैं.'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादक है,साथ ही आकाशवाणी चित्तौड़ के ऍफ़.एम्.  'मीरा' चैनल के लिए पिछले पांच सालों से बतौर नैमित्तिक उदघोषक प्रसारित हो रहे हैं.

उनकी कवितायेँ आदि उनके ब्लॉग 'माणिकनामा' पर पढी जा सकती है.वे चित्तौड़ के युवा संस्कृतिकर्मी  के रूप में दस सालों से स्पिक मैके नामक सांकृतिक आन्दोलन की राजस्थान इकाई में प्रमुख दायित्व पर हैं.
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